शरद पवार NCP चीफ बने रहेंगे या देंगे इस्तीफा, एक-दो दिन में होगा फैसला

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शरद पवार के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के ऐलान के बाद से ही महाराष्ट्र समेत पूरे देश की राजनीति में उथल-पुथल मच गयी. शरद पवार के इस फैसले के बाद पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लगातार उन्हें मनाने में लगे हुए हैं. इसी बीच खबर आ रही है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एक अध्यक्ष पवार ने बड़ा खुलासा किया है. खुलासा करते हुए उन्होंने कहा है कि- उनका यह फैसला पार्टी के भविष्य और नया नेतृत्व तैयार करने के लिए लिया गया है. केवल यहीं नहीं, अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि पद छोड़ने के संबंध में वे आने वाले कुछ दिनों में अपना अंतिम फैसला लेंगे.

पार्टी का भविष्य और नया नेतृत्व बनाने के लिए लिया गया फैसला

शरद पवार ने आज अपने एक बयान में कहा कि पद से हटने का उनका फैसला पार्टी का भविष्य और नया नेतृत्व बनाने के लिए लिया गया है. शहर में वाई बी चव्हाण सेंटर के बाहर पवार ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में अंतिम फैसला लेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं की उपेक्षा नहीं की जाएगी. पवार के समर्थक पार्टी प्रमुख के रूप में उनके पद पर बने रहने की मांग को लेकर यहां डेरा डाले हुए हैं.

मैं एक या दो दिन में अंतिम फैसला

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने समर्थकों से कहा- मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं. मुझे अपनी योजनाओं के बारे में आप सभी से चर्चा करनी चाहिए थी और आपको भरोसे में लेना चाहिए था. लेकिन, मैं जानता हूं कि आपने मुझे पार्टी प्रमुख के पद से हटने का फैसला लेने की अनुमति नहीं दी होती. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के बाहर के कुछ पार्टी सहयोगी इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कल यानी शुक्रवार को उनसे मिलेंगे. उन्होंने कहा- मैं एक या दो दिन में अंतिम फैसला लूंगा.

पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का आग्रह

वाई बी चव्हाण सेंटर के बाहर डेरा डाले उनके समर्थकों ने जहां पवार के प्रति अपनी भावनाओं का मजबूती से इजहार किया वहीं पवार उन्हें शांत करने की कोशिश करते दिखे. वहां एकत्रित पार्टी कार्यकर्ताओं ने पवार से किसी व्यक्ति को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का आग्रह किया, जबकि उन्हें स्वयं इस पद पर बने रहना चाहिए. उनमें से कुछ ने कहा कि पवार को कम से कम 2024 तक पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए क्योंकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जबकि अन्य ने कहा कि अगर उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो वे भूख हड़ताल करेंगे. शरद पवार ने यह कहकर लोगों को चौंका दिया था कि वह 1999 में उनके द्वारा स्थापित पार्टी के प्रमुख का पद छोड़ रहे हैं. (भाषा इनपुट के साथ)

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