Tsunami: सुनामी कैसे आती है, जेट विमान से भी ज्यादा होती है रफ्तार, पीछे छोड़ जाती है तबाही

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जापान में सोमवार को पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी गई. जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई. लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह भी दी गई है.

समुद्र में पांच मीटर तक लहरें उठने की दी गई चेतावनी

जापान में भूकंप के तेज झटकों के बाद इशिकावा के लिए एक गंभीर स्तर की सुनामी चेतावनी और होंशू द्वीप के बाकी पश्चिमी तट के लिए निचले स्तर की सुनामी की चेतावनी जारी की गई. चेतावनी दी गई है कि भूकंप के कारण समुद्र में लहरें पांच मीटर तक पहुंच सकती हैं.

क्या है सुनामी

सुनामी जल तरंगों की एक श्रृंखला है. जो समुद्र के अंदर जब अचानक बड़ी हलचल होती है, तो उफान उठता है. उसके बाद समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठनी शुरू हो जाती हैं. जिसकी गति बहुत तेज होती है. जल तरंगों के इसी रेले को सुनामी कहा जाता है. दरअसल सुनामी जापानी शब्द है. सुनामी दो शब्दों से मिलकर बना है. सु का अर्थ है समुद्र और नामी का मतलब है लहरें. सुनामी की लहरें ज्वार और भाटा से अलग होती हैं.

कैसे उठती हैं सुनामी की लहरें?

सुनामी की लहरें उठने के पीछे सबसे बड़ी वजह वैसे तो भूकंप को बताया जाता है. लेकिन सुनामी की लहरों के लिए और भी कई कारण हो सकते हैं. जैसे जमीन धंसने, ज्वालामुखी विस्फोट और कभी-कभी उल्कापात के कारण भी सुनामी की लहरें उठती हैं. अधिकांश सुनामी टेक्टोनिक प्लेट के टकराव के कारण भी आती है. एक आंकड़ों के अनुसार 1900 के बाद से करीब 80 प्रतिशत सुनामी भूकंप की वजह से आये हैं.

जेट विमान से भी तेज होती है सुनामी की रफ्तार

सुनामी कर रफ्तार एक जेट विमान से भी तेज होती है. सुनामी की गति समुद्र की गहराई पर निर्भर करती है. गहरे समुद्र में सुनामी एक जेट विमान जितनी तेज होती है. सुनामी 500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. समुद्र में नाविकों को आम तौर पर सुनामी का पता नहीं चलेगा क्योंकि यह उनके नीचे से गुजरती है. जब लहरें तट की ओर बढ़ती हैं, तो उसकी गति कम होती हैं, लेकिन ऊंचाई बहुत ज्यादा होती हैं.

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