Weather: अलर्ट! झारखंड में मानसून सक्रिय, दिल्ली में छाये बादल, जानें आज कहां-कहां होगी झमाझम बारिश

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Weather Updates: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है. आईएमडी ने येलो अलर्ट भी जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी रविवार को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद समेत कई और इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. फिलहाल दिल्ली के आसमान पर बादल छाये हुए हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. बुधवार से एक बार फिर दिल्ली में बारिश की संभावना जताई गई है. गौरतलब है कि दिल्ली और आसपास के राज्यों में हो रही बारिश के कारण यमुना खतरे के निशान के ऊपर है.

इन इलाकों में हो सकती है जोरदार बारिश
स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के कई हिस्सों में आने वाले 24 घंटों में जोरदार बारिश हो सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी हो सकती है. इसके अलावा तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गुजरात क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून
इधर, झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है. शनिवार की शाम से इसका असर झारखंड के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है. देर रात से राजधानी रांची में भी जमकर बारिश हुई. मौसम विभाग ने कहा है कि दो अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा. इस कारण प्रदेश के सभी जिलों में बारिश होगी. इसको लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. बंगाल की खाड़ी में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसका करीब पांच दिनों तक असर रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक बोकारो, देवघर, खूंटी, रामगढ़, सरायकेला खरसावां, पश्चिम सिंहभूम जिले के कुछ भागों में आज जोरदार बारिश हो सकती है. इसके साथ मेघ गर्जन और वज्रपात भी हो सकता है. इसके अलावा चतरा, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, जामताड़ा और लातेहार जिले के कुछ भागों में भी मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना है.

यूपी में फिर शुरू हुआ बारिश का दौर
इधर, उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला एक बार फिर से शुरू हो गया है. बीते कुछ दिनों से बारिश नहीं होने कारण कई जिलों में लोगों को उमस भरी गर्मी से दो चार होना पड़ रहा था. इससे पहले राजधानी लखनऊ में शनिवार को छुटपुट बारिश हुई थी. वहीं वाराणसी में गर्मी ने विकराल रूप धारण कर रखा है. श्रावण महीने में भोले बाबा के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को गर्मी की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, मौसम विभाग ने कहा है कि सोमवार से कई जिलों में फिर से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा.

तेलंगाना में बीते सप्ताह से हुई भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में बारिश रुकने से राहत कार्य में तेजी आई.अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार दोपहर तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 18 लोगों की जान चली गई है. वहीं, बीते काफी दिनों से हो रही बारिश के कारण तेलंगाना में गोदावरी नदी भद्राचलम में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. कई इलाकों में राहत अभियान चलाया जा रहा है और सभी जिला अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

तेलंगाना में भारी में बीते दो दिनों से कमी आई है, शुक्रवार से ही बारिश के प्रकोप में कमी है. हालांकि बारिश कम होने के बावजूद वारंगल के कुछ हिस्सों में जलभराव जारी है. राज्य सरकार ने राहत शिविर स्थापित किए हैं और बारिश प्रभावित क्षेत्रों में बचाव तथा पुनर्वास कार्य तेज कर दिया है. अधिकारी ने बताया कि वारंगल में भद्रकाली टैंक में दरार आ गई और इसे भरने के प्रयास जारी हैं. बता दें, गोदावरी नदी का जलस्तर शनिवार शाम चार बजे 55.40 फुट था और यहां तीसरी और अंतिम चेतावनी लागू की गयी थी. वहीं बाढ़ को देखते हुए शहर के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से निकालकर राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है. भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई जिलों में कृषि क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है.

लगातार बारिश से शिमला में मकानों के डूबने का खतरा
वहीं, हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. लगातार बारिश के कारण शिमला जिले के ननखरी और कोटगढ़ इलाकों की छह पंचायतों के कई घरों पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है. कुल्लू जिले के अन्नी क्षेत्र में जाबन के ऊपरी इलाकों में शुक्रवार रात को बादल फटने से देवरी खड्ड में अचानक बाढ़ आ गई. इसके चलते अलर्ट जारी करके आधी रात को नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया. अचानक आई बाढ़ से बगीचों को भी नुकसान पहुंचा और कई स्थानों की सड़क पर आवागमन बाधित हो गया. पानी के बहाव में बढ़ोतरी से कोटू नाले में भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण कुछ गांवों में जमीन धंस गई है, जिससे कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में शुक्रवार की रात भारी बारिश के कारण न केवल भूस्खलन हुआ, बल्कि संपर्क सड़कों के अलावा बोर्नी नाला और जियोरी सहित कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच (शिमला-किन्नौर) भी अवरुद्ध हो गया. रामपुर के स्थानीय विधायक नंद लाल ने कहा है कि पिछले तीन सप्ताह से लगातार हो रही बारिश ने स्थिति गंभीर बना दी है. राहत और बहाली कार्य जोरों पर हैं. सड़कों को खोलने के लिए भारी मशीनरी का इंतजाम किया गया है और जोखिम वाले घरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. जनजातीय बहुल किन्नौर जिले में चौरा के पास भारी भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है.

बारिश से करोड़ों का नुकसान
बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में 24 जून को मानसून के दस्तक देने के बाद से राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में अब तक 184 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 लोग लापता हैं. राज्य में बारिश से करीब 700 घर बह गए हैं, जबकि 7,093 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 28 जुलाई तक राज्य को 5,536 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. स्थानीय मौसम कार्यालय ने येलो अलर्ट जारी करते हुए दो अगस्त को और अधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी है. इसने चार अगस्त तक राज्य में बारिश का अनुमान जताया है.

भाषा इनपुट के साथ

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