दिल्ली में 3 दिन जारी रहेगा कभी तेज तो कभी हल्की बारिश का सिलसिला

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नई दिल्ली,  मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार रात को शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार सुबह भी जारी रहा। बृहस्पतिवार रात से लेकर शुक्रवार सुबह तक दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। आसमान में अब भी घने और काले बादल छाए हुए हैं और शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस बीच मौमस विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान दिल्ली और इससे आसपास के शहरों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, अगले दो तीन दिन और बारिश का यह दौर चलता रहेगा। कभी तेज बारिश हो सकती है तो कभी हल्की। शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहेंगे। अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमश: 32 और 24 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।

वहीं, बुधवार देर रात तक जन्माष्टमी मनाने के बाद बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली वासी थोड़ा देर से सोकर उठे तो बाहर झमाझम बारिश हो रही थी। जगह-जगह जलभराव हो रखा था। रात करीब ढाई तीन बजे से शुरू होकर तेज बारिश का यह दौर दोपहर तक चला। इससे उमस तो कम हुई ही, तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। दिन में भी रुक रुककर कहीं-कहीं हल्की बारिश का दौर चलता रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार को दिल्ली के आयानगर में सबसे अधिक 106.9 मिमी बारिश हुई। 2010 में 20 अगस्त के दिन 24 घंटे के दौरान बारिश का यह आंकड़ा 82.1 मिमी रहा था। मूसलधार बारिश की ही बदौलत बृहस्पतिवार को दिन भर मौसम सुहावना बना रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 28.9 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नमी का स्तर 81 से 100 फीसद रहा।

कुलदीप श्रीवास्तव (प्रमुख, प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र, दिल्ली) का कहना है कि मानसून ट्रफ अभी दिल्ली-एनसीआर के नजदीक ही है। दक्षिणी-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बना हुआ है। इसके अलावा अरब सागर से नमी भरी दक्षिणी-पश्चिमी, जबकि बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाएं चल रही हैं। इसी के असर से बारिश हुई।

बारिश ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड

वहीं, बृहस्पतिवार को दिल्ली में इस मानसून की सबसे मूसलधार बारिश हुई। बुधवार रात के तीसरे प्रहर से बादल ऐसे जमकर बरसना शुरू हुए कि बृहस्पतिवार दोपहर तक रुक रुककर बरसते ही रहे। इससे जनजीवन भी अस्तव्यस्त हो गया। 2010 के बाद पिछले दस सालों में अगस्त में 24 घंटे के दौरान इतनी अधिक बारिश पहली बार हुई है।