Weather Forecast: भारत में कहर बरपाने आ रहा चक्रवाती तूफान ‘बिपोरजॉय’, गोवा-गुजरात और मुंबई से टकराने को तैयार

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नई दिल्ली : अरब सागर में उठे इस साल का पहला चक्रवाती तूफान ‘बिपोरजॉय’ कहर बरपाने के लिए धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर से बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, ‘बिपोरजॉय’ तेजी से गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है. इससे केरल में मानसून की ‘धीमी’ शुरुआत होने की आशंका है और उसके दक्षिणी प्रायद्वीप के आगे ‘कमजोर’ प्रगति करने का पूर्वानुमान है. ‘बिपोरजॉय’ इस साल अरब सागर में आया इस साल का पहला चक्रवाती तूफान है.

मुंबई, गुजरात और गोवा के नजदीक पहुंच गया है चक्रवाती तूफान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से बुधवार सुबह साढ़े आठ जारी किए गए अपडेटेड पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर में चक्रवाती तूफान ‘बिपोरजॉय’ पिछले छह घंटे में दो किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की तरफ बढ़ा और यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है यह सुबह करीब 5.30 बजे गोवा से करीब 890 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में, मुंबई से 1,000 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, पोरबंदर से 1,070 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और कराची से 1,370 किलोमीटर दक्षिण में उसी स्थान पर केंद्रित रहा.

अगले तीन दिन में उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा

मौसम विभाग विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इसके उत्तर की ओर बढ़ने और एक बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के आसार हैं. इसके बाद अगले तीन दिन में यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा. हालांकि, आईएमडी ने अभी तक भारत, ओमान, ईरान और पाकिस्तान सहित अरब सागर से सटे देशों पर किसी इसके अधिक प्रभाव को लेकर कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया है.

चक्रवाती तूफान से मानसून होगा

वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चक्रवाती तूफान तेजी से उग्र हो रहे हैं और जलवायु परिवर्तन के कारण ये लंबे समय तक काफी सक्रिय बने रह सकते हैं. आईएमडी ने मंगलवार को कहा था कि चक्रवात से मानसून की प्रगति प्रभावित होने की संभावना है.

8 या 9 जून को केरल में दस्तक दे सकता है मानसून

निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ‘स्काइमेट वेदर’ ने बताया कि केरल में मानसून आठ या नौ जून को दस्तक दे सकता है. इस दौरान, हल्की बारिश होने ही संभावना है. उसने कहा कि अरब सागर में ऐसी शक्तिशाली मौसम प्रणालियां अंदरुनी क्षेत्रों में मानसून के आगमन को प्रभावित करती हैं. चक्रवात के प्रभाव में मानसून तटीय हिस्सों में धीमी गति से पहुंच सकता है, लेकिन इसे पश्चिम घाटों से आगे जाने में संघर्ष करना पड़ेगा.

एक जून तक केरल में दस्तक देता है मानसून

आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून को केरल में दस्तक देता है. इसके आगमन के समय में करीब सात दिन का अंतर हो सकता है. मई के मध्य में आईएमडी ने कहा था कि मानसून चार जून तक केरल तट पहुंच सकता है. स्काईमेट ने पहले मानसून के सात जून को केरल में दस्तक देने का पूर्वानुमान लगाते हुए कहा था कि यह तीन दिन पहले या बाद में वहां पहुंच सकता है.

पिछले तीन साल से वक्त पर दस्तक दे रहा था मानसून

एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी मानसून ने पिछले साल 29 मई को, 2021 में तीन जून को, 2020 में एक जून को, 2019 में आठ जून को और 2018 में 29 मई को केरल में दस्तक दी थी. आईएमडी ने पहले कहा था कि अल-नीनो की स्थिति विकसित होने के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में भारत में सामान्य बारिश होने की संभावना है.

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