वार्ड अलीपुर: डीडीए और निगम की लड़ाई के बीच अटका पुनर्वास का विकास 

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नई दिल्ली (दिल्ली न्यूज़24) दिल्ली की राजनीति में पुनर्वास और पूर्वांचल का महत्त्व वोट बैंक के तौर पर सभी स्वीकारते हैं। परन्तु, जब-जब पुनर्वास के विकास की बात होती है तब-तब दिल्ली सरकार और नगर निगम एक-दूसरे पर जिम्मेवारी डालकर बचते रहते हैं। जैसा की हम सभी जानते हैं की आज भी दिल्ली के पुनर्वास इलाकों में विकास कार्यों की गति बेहद धीमी है। इसी कड़ी में नरेला विधानसभा के पुनर्वास इलाकों की बदहाली भी गौर करने लायक है। नरेला विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी से विधायक शरद चौहान हैं। निगम के पार्षदों की बात करें तो नरेला, अलीपुर, बख्तावरपुर, होलम्बी में भाजपा के पार्षद हैं और बांकनेर में आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद कमान संभाल रहे हैं।
वार्ड नम्बर 3 अलीपुर में पुनर्वास इलाकों का सबसे अधिक बुरा हाल है। सेक्टर ए-6 पॉकेट 5 में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। भारत माता पुर्नवास विकास समिति, नरेला के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने दिल्ली न्यूज़24 संवाददाता को जानकारी देते हुए बताया की इस पुनर्वास कॉलोनी में महीनों से सफाईकर्मी नहीं आ रहे। जिसके कारण नालियां पूरी तरह से चॉक हो चुकी हैं। गन्दा पानी नालियों से घरों में बैक मार रहा है। नालियों की सड़ांध के कारण यहाँ के निवासियों का जीना दुश्वार हो गया है। निगम पार्षद को व्हाट्सएप्प के माध्यम से वस्तुस्थिति की तस्वीरें भी भेजी पर पार्षद कार्यालय से दो टूक जवाब मिला की यह पुनर्वास कॉलोनी डीडीए के अधीन आती है। और जब विधायक कार्यालय में शिकायत की तो विधायक कार्यालय ने भी यही कहकर पल्ला झाड़ लिया की साफ़ सफाई निगम का काम है।
भारत माता पुर्नवास विकास समिति, नरेला के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने बताया की जब उदित राज इलाके के सांसद थे तो उन्होंने पॉकेट 5, 4, 11 और 13 की सड़कें पक्की करवाई थी पर उनके बाद मौजूदा सांसद हंसराज ने कभी पुनर्वास की सुध नहीं ली। पुनर्वास की बदहाली के पीछे सुभाष कुमार यहाँ की स्थानीय राजनीति को भी जिम्मेवार ठहराते हैं। उनका कहना है की पूर्वांचल के ही कुछ कथित नेताओं की ओछी राजनीति के कारण पॉकेट 5 का विकास रूका हुआ है। उन्होंने निगम प्रशासन और दिल्ली सरकार से पुनर्वास की तरफ जल्द ध्यान देने की गुहार लगाई है।