मणिपुर में नहीं थम रहा हिंसा का दौर, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प जारी, पीड़ितों से मिलेंगे राहुल गांधी

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Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. बीते दिन गुरुवार को कांगपोकपी जिले के हराओ ठेल गांव में सुरक्षा कर्मियों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध दंगाइयों की मौत हो गयी. इस घटना में पांच अन्य लोग घायल हो गए है. वहीं, अधिकारियों ने बताया कि हथियारों से लैस दंगाइयों ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की थी. थलसेना ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को काबू में करने के लिए व्यवस्थित तरीके से जवाब दिया. उन्होंने बताया कि गांव में मुठभेड़ में दो संदिग्ध सशस्त्र दंगाइयों की मौत हो गयी और पांच अन्य घायल हो गए.

पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के बाद दोनों दंगाई समुदाय के सदस्यों ने मृतकों के शवों के साथ इंफाल में मुख्यमंत्री आवास तक जुलूस निकालने की कोशिश की. वहीं, पुलिस ने जब उन्हें मुख्यमंत्री आवास तक जाने से रोका तो जुलूस हिंसक हो गया. पुलिस ने इंफाल के बीचों बीच स्थित ख्वायरमबंद बाजार में एकत्र हुई भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इस बीच प्रदर्शनकारी सड़क के बीचों बीच टायर जलाया.

बीजेपी दफ्तर पर हमला
मणिपुर में दंगाइयों ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर हमला किया. सेना ने कहा कि सशस्त्र दंगाइयों ने बिना उकसावे के अहले सुबह गोलीबारी शुरू कर दी. दंगाइयों को हिंसा फैलाने से रोकने के लिए आरएएफ के साथ पुलिस दल मौके पर पहुंची और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. इस दौरान सुरक्षा बलों ने शव को यहां जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुर्दाघर में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

मणिपुर दौरे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी
इधर हिंसा के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज सुबह इंफाल से मोइरांग के लिए रवाना हुए. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र के मुताबिक, वह राहत शिविरों का दौरा करेंगे और वहां प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे. बाद में, वह इंफाल लौटेंगे और समान विचारधारा वाले 10 पार्टी नेताओं, यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के नेताओं और नागरिक समाज संगठन के सदस्यों से मिलेंगे.

बता दें, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर का दौरा किया. अपने दौरे में राहुल गांधी इंफाल पसे जातीय हिंसा में विस्थापित हुए लोगों से मिलने चुराचांदपुर भी गये. हालांकि, राहुल गांधी को चुरादांपुर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया. पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राहुल गांधी को आगे जाने की इजाजत नहीं दी. इसके बाद राहुल गांधी हेलिकॉप्टर से चुराचांदपुर गए और राहत शिविर में पीड़ितों से मुलाकात की.

क्यों भड़की है मणिपुर में हिंसा
गौरतलब है कि मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के बीच मई की शुरुआत में भड़की जातीय हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं. बता दें, मणिपुर की 53 फीसदी आबादी मेइती समुदाय की है और यह मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है. वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 फीसदी है और यह मुख्यत: पर्वतीय जिलों में रहती है.

भाषा इनपुट से साभार

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