उत्तरकाशी: सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को देर रात या कल सुबह रेस्क्यू की उम्मीद, ड्रिलिंग का काम तेज

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी से देर रात या गुरुवार सुबह तक बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. बताया जा रहा है कि सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को जल्द रेस्क्यू किया जा सकता है. मालूम हो निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में 10 दिन से अधिक समय से फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने का रास्ता तैयार करने के लिए अमेरिकी ऑगर मशीन से ड्रिलिंग फिर शुरू होने से बचाव अभियान में तेजी आ गयी है. अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी ऑगर मशीन से मंगलवार आधी रात के बाद फिर से ड्रिलिंग शुरू कर दी गयी है और अब तक मलबे के 45 मीटर अंदर तक ड्रिलिंग की जा चुकी है.

इस कारण से शुक्रवार को ड्रिलिंग का काम रोक दिया गया था

ऑगर मशीन के शुक्रवार दोपहर को किसी कठोर सतह से टकराने के बाद उससे ड्रिलिंग रोक दी गयी थी. ड्रिलिंग रोके जाने तक मलबे को 22 मीटर तक भेद कर उसके अंदर छह मीटर लंबे 900 मिलीमीटर व्यास के चार पाइप डाले जा चुके थे. अंतिम पाइप का दो मीटर हिस्सा अगले पाइप को जोड़ने के लिए बाहर छोड़ा गया था.

मलबे के अंदर 800 मिलीमीटर व्यास के पाइप डाले जा रहे

अधिकारियों ने बताया कि अब मलबे के अंदर 900 मिलीमीटर की जगह 800 मिलीमीटर व्यास के पाइप डाले जा रहे हैं. प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार एवं उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी भास्कर खुल्बे ने बताया कि ऑगर मशीन से दोबारा ड्रिलिंग शुरू होने के बाद से अब तक कुल 45 मीटर ड्रिलिंग पूरी कर ली गयी है.

40 से 50 मीटर का हिस्सा बहुत महत्वपूर्ण

इससे पहले, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने बताया कि सुरंग में ड्रिलिंग के दौरान ’40 से 50′ मीटर का हिस्सा ‘बहुत महत्वपूर्ण’ है. उन्होंने कहा, हम इसे पार कर लें, इसके बाद हम ज्यादा विश्वास से कह सकते हैं. यह पूछे जाने पर कि अभियान के पूरा होने में अब कितना समय और लगेगा, उन्होंने कहा, अगर हमें कोई अड़चन नहीं आती और हम इसी गति से चलते रहे तो हमें बुधवार देर रात या गुरुवार सुबह तक कोई अच्छी खबर मिल सकती है.

सुरंग के अंदर 53 मीटर तक मलबा है जिसे भेदा जाना है

ड्रिलिंग फिर शुरू होने से बचाव प्रयासों में तेजी आ गयी है. बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर 53 मीटर तक मलबा है जिसे भेदा जाना है. अहमद ने बताया कि वैकल्पिक योजना के तहत सुरंग के बड़कोट छोर की ओर से भी वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू की गयी है. उन्होंने कहा, तीन ब्लास्टिंग की गयी हैं और हम वहां से भी करीब आठ मीटर अंदर प्रवेश कर चुके हैं.

राहत एवं बचाव कार्य पर लगातार नजर रख रहे मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए जो राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है, उसपर नजर बनाए हुए हैं. रात में मुख्यमंत्री उत्तरकाशी-यमुनोत्री मार्ग पर स्थित सिल्कयारा टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेंगे. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, मशीन आज काम कर रही है. मुझे उम्मीद है कि सभी मजदूर सुरक्षित बाहर आ निकलेंगे.

कैसे हुआ हादसा

उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्रा मार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिससे मलबे के दूसरी ओर श्रमिक फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है. बचावकर्मियों को सोमवार को 53 मीटर लंबी छह इंच की पाइपलाइन को मलबे के आरपार डालने में सफलता मिली थी जिसके जरिए ज्यादा भोजन सामग्री श्रमिकों तक पहुंचाई जा रही है. इसी पाइपलाइन के जरिए ‘एंडोस्कोपिक फ्लैक्सी’ कैमरा भेजकर मंगलवार तड़के श्रमिकों के सकुशल होने की पहली तस्वीरें तथा वीडियो मिला था.

पीएम मोदी ने सीएम धामी से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात करके सिलक्यारा में चल रहे बचाव कार्यों की जानकारी ली. धामी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को बचाव कार्यों से अवगत कराया और उन्हें गत 24 घंटे में हुई सकारात्मक प्रगति एवं श्रमिकों और उनके परिजनों की बातचीत से बढ़े मनोबल की भी जानकारी दी.

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