MP Election 2023: उमा भारती ने महिला आरक्षण विधेयक में OBC कोटे की मांग उठाई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भोपाल आगमन से पहले वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता उमा भारती ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री हाल में पारित महिला आरक्षण विधेयक में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए कोटा तय करने के बारे में सकारात्मक संकेत देंगे.

उमा भारती ने महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी कोटा शामिल नहीं करने पर व्यक्त की थी निराशा

पिछले हफ्ते की शुरुआत में भारती ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले संवैधानिक संशोधन विधेयक में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) कोटा शामिल नहीं करने पर निराशा व्यक्त की थी.

उमा भारतीय ने पीएम मोदी को बताया गरीबों का मसीहा

उमा भारती ने प्रधानमंत्री के भोपाल दौरे से कुछ घंटे पहले सोमवार सुबह ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, भोपाल की धरती पर प्रधानमंत्री का स्वागत है. वह गरीबों और पिछड़ों के मसीहा हैं, मुझे यकीन है कि वह महिलाओं के लिए ओबीसी आरक्षण पर सकारात्मक संकेत देंगे. मोदी यहां भाजपा कार्यकर्ताओं की एक विशाल बैठक को संबोधित करेंगे.

राजनीति छोड़ने की खबर पर उमा ने दिया बड़ा बयान

भारती ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह इस बात से खुश हैं कि महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश किया गया, लेकिन कुछ हद तक निराशा महसूस कर रही हैं क्योंकि इसमें ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं है. विभिन्न मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त करती रहीं वरिष्ठ भाजपा नेता ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने राजनीति छोड़ दी है. उन्होंने सागर जिले में एक रैली में कहा था, मैंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था क्योंकि मुझे काम करते हुए कई साल हो गए थे. मैंने पांच साल का ‘ब्रेक’ लेने के बारे में सोचा. लोगों को लगा कि मैंने राजनीति छोड़ दी है. मैं यह कहते-कहते थक गया हूं कि मैंने राजनीति नहीं छोड़ी है. भारती आखिरी बार उत्तर प्रदेश के झांसी से लोकसभा सदस्य चुनी गईं थीं.

जन आशीर्वाद यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किए जाने पर नाराज हुईं थी उमा भारती

इस महीने की शुरुआत में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री भारती ने जन आशीर्वाद यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की थी, जिसे तीन सितंबर को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा शुरू किया गया था. भारती ने मध्य प्रदेश में कड़ी शराब नीति की मांग को लेकर एक अभियान भी चलाया था और कथित तौर पर विरोध स्वरूप कुछ दुकानों पर पथराव किया था. शराब नीति में संशोधन की मांग को लेकर वह एक मंदिर में भी रुकी थीं. मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं.

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