Explainer: बिहार में टमाटर और सब्जियों के बाद दाल हुई महंगी, आटे का भी भाव चढ़ा, जानें कीमत

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Bihar News: बिहार में टमाटर की बढ़ती कीमतों ने सबसे पहले लोगों को परेशान किया. इसके बाद सब्जियों के भाव में बढ़ोतरी हुई. प्याज ने भी लोगों को रुला दिया. अब दाल भी महंगी हो गई है. इसके साथ ही आटे का भाव भी चढ़ गया है. दालों की कीमत में फिर तेजी शुरू हो गयी है. अरहर दाल से लेकर चना दाल 10 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गयी हैं. यह तेजी पिछले तीन-चार दिनों में आयी है. कारोबारियों के अनुसार दालों का उत्पादन कम हुआ है. इससे दालें महंगी हो रही हैं.

चीनी की भी कीमत में हुआ इजाफा

दाल के भाव में तेजी आगे भी बनी रह सकती है. मिली जानकारी के अनुसार चार दिन पहले 140 से 150 रुपये प्रतिकिलो में बिकने वाली अरहर दाल 150 से 160 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है. वहीं, 75 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाली चना दाल 80 रुपये प्रति किलो तक में बिक रही है. जबकि, 80 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाली मसूर दाल 85 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है. खुला आटा 32 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 34 रुपये हो गया है. चीनी की भी कीमत में इजाफा हुआ है. चीनी की कीमत 44 से बढ़कर 46 रुपये तक हो गयी है. सरसों तेल की कीमत में 15 रुपये तक की वृद्धि हो चुकी है. 110 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 125 रुपये हो गयी है. वहीं रिफाइंड तेल में भी दस रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो चुका है. इसकी कीमत 110 रुपये से बढ़कर 120 रुपये हो गयी है

बारिश के बाद फसलें हुई खराब

बता दें कि राज्य में बारिश के आते ही सब्जियों की कीमत में बढ़ोतरी हो गई है. पिछले कुछ दिनों में हरी सब्जियों के भाव फिर बढ़ गये हैं. बारिश के बाद सब्जियों की कीमत में इजाफा हुआ है. बताया जाता है कि वर्षा के बाद सब्जियां खराब हो जाती है. इस कारण इसके दाम में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है. कुछ दिनों पहले सब्जियों की कीमत में कमी आई थी. लेकिन, अब कई सब्जियों के भाव तो दोगुने हो गये हैं. हरी सब्जियों के अलावा प्याज की कीमत में भी तेजी आ गयी है. मुजफ्फरपुर में दो दिन पहले प्याज पांच रुपये किलो बढ़कर 28 रुपये किलो बिकने लगा. शहर के कटही पुल, जवाहरलाल रोड और नयी बाजार सब्जी मंडी में सब्जियों के भाव में करीब चार से पांच रुपये का अंतर देखने को मिला. शहर के सब्जी मंडियों में भाव बढ़ने से खरीदारी में भी थोड़ी कमी आयी है. सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सब्जी की आवक कम हो रही है. इस कारण भाव बढ़े हुए हैं. जवाहरलाल रोड के सब्जी विक्रेता ने कहा कि सब्जी की कीमत घटने से खरीदारी अच्छी हो गयी थी. लेकिन, फिर सब्जी की कीमत बढ़ने से खरीदारी पर प्रभाव पड़ा है. लोग एक बार राज्य में मंहगाई की मार झेल रहे हैं.

परवल 40, फूलगोभी 50, शिमला मिर्च 60, अदरक 120, टमाटर 110 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. वहीं, लहसून 150 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है. प्याज की कीमत में भी पहले से बढ़ोतरी हुई है. यह 25 रुपए के आसपास बिक रहा है. बता दें कि अलग- अलग मंडी में सब्जियों की कीमत में छोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. टमाटर के साथ ही नेनुआ, भिंडी, परवल,करैला की कीमत भी बढ़ गई. प्याज की कीमत ने भी लोगों को रुला दिया है. बताया जाता है कि बारिश में फसलें खराब हुई है. इस कारण भाव में इजाफा हो गया है. नेनुआ, भिंडी, परवल,करैला, बैगन जैसी कई सब्जियों के कीमत में आग लग गई है. बारिश के बाद दियारा इलाके में पानी भर जाने के बाद सब्जी की फसलों पर असर पड़ा है.

आवक कम होने से शिमला मिर्च का बढ़ा भाव

बिहार में शिमला मिर्च पंश्चिम बंगाल से भी आ रहा है. बाजार में इन दिनों शिमला मिर्च का निर्यात हो रहा है. लेकिन, आवक कम होने से शिमला मिर्च का भाव फिर से आसमान छू रहा है. इन दिनों बाजार में शिमला मिर्च 80 रुपये किलो बिक रहा है. बाहर से शिमला मिर्च मंगाने वाले व्यापारी ने जानकारी दी है. व्यापारी कहते है कि मंडी में इन दिनों शिमला मिर्च की मांग बढ़ी हुई है. सावन महीने में अधिकतर घरों में शिमला मिर्च की मांग बढ़ जाती है. मांग बढ़ने और आवक कम होने से भाव चढ़ चुका है. लोगों ने थोड़ी काम सब्जी खरीदनी शुरु कर दी है.

आम लोगों को हुई बढ़ती कीमत से परेशानी

कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद लोगों के घर का बजट बिगड़ चुका है. सब्जी की बढ़ती कीमतों से सभी परेशान है. महिलाओं का कहना है कि एक बार फिर सब्जियों की कीमत में बढ़ोतरी हुई है. लोगों को इस कारण समस्या हो रही है. लेकिन, लोग महंगी सब्जी खरीदने को मजबूर है. लोगों के घर का बजट खराब हो चुका है. विक्रेता कहते है कि सब्जियों की कीमत आवक पर निर्भर होती है. आवक का कम होना भी सब्जियों की बढ़ती कीमत की एक बड़ी वजह है. वहीं, फसल के नष्ट होने पर किसानों को मुआवजा मिलने वाला है. वास्तविक उपज दर में 20 फीसदी तक गिरावट होने पर प्रति हेक्टेयर 7500 रुपया तथा 20 फीसदी से अधिक क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर दस हजार रुपया किसानों को दिया जाएगा. अधिकतम दो हेक्टयर तक में क्षति होने पर किसानों को राशि मिलेगी. राज्य के तीन जिलों में सोयाबीन की क्षति पर भी सहायता मिलेगी. सोयाबीन बीस फीसदी तक और इससे अधिक फसल नष्ट होने पर मुआवजा मिलेगा. सोयाबीन को बेगूसराय, समस्तीपुर और खगड़िया के लिए अधिसूचित किया गया है.

बता दें कि बढ़ते भाव को लेकर सरकार भी चिंतित है. सरकार ने सस्ती कीमतों पर टमाटर बेचने का फैसला किया है. बिहार में पहले से ही उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से रियायती दर पर टमाटर बेचा जा रहा है. नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानि नेफेड की ओर से टमाटर के खुदरा दाम में कमी की घोषणा की गई थी. राज्य के कई इलाकों में टमाचर को बेचा भी गया. नफेड की ओर से 90 रूपए प्रति किलो टमाटर बेचा गया. इसके बाद इसमें 10 रुपए की गिरावट की भी घोषणा की गई. बता दें कि NAFED और NCCF केंद्र की ओर सेमोबाइल वैन के जरिए टमाटर बेचा था. नोएडा के अलग-अलग हिस्सों के साथ ही बिहार की राजधानी पटना एवं मुजफ्फरपुर में कम दर में टमाटर बेचा गया. ताकि, लोगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो और लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिले. साल 2023 में देश के कई हिस्सों में टमाटर की कीमत 200 से ज्यादा देखने को मिली. इसका सबसे ज्यादा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा.

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