आज देश के खुदरा व्यापारियों के खुद के ई- कॉमर्स पोर्टल के ‘चेहरे’ से हटेगा पर्दा

0 86

राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय ई- कॉमर्स प्लेटफॉर्म से कई सालों से तगड़ी चुनौती का सामना कर रहे देश के खुदरा व्यापारी अब खुद का अपना स्वदेशी पोर्टल ला रहे हैं, आज देश दुनियां के सामने उसके चेहरे से पर्दा हटाया जाएगा। खुदरा कारोबारियों के संगठन कंफेडेरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) खुद के महत्वाकांक्षी ई कॉमर्स पोर्टल ‘भारतईमार्केट’ का लोगो (प्रतीक चिन्ह) शुक्रवार को जारी करेगा।

कैट के मुताबिक, पोर्टल विशुद्ध रूप से भारतीय होगा, जिसमें विदेश से प्राप्त किसी भी धन का निवेश नहीं होगा।पोर्टल पर प्राप्त होने वाला डाटा देश में ही स्थापित सर्वर पर रखा जाएगा और एक भी डाटा देश की सीमा से बाहर नहीं जाएगा। कैट ने यह भी घोषणा की है कि किसी भी प्रकार की चीनी वस्तु इसपर नहीं बेचीं जाएगी। देश में ई कॉमर्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए और देश के मायूस व्यापारियों के उत्थान के लिए कैट ने खुद के ई -कॉमर्स पोर्टल को लांच करने की घोषणा कुछ महीने पूर्व ही कर दी थी और उसके बाद कैट लगातार इस प्रोजेक्ट पर काम करता आ रहा है, जिसमें अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, डिलीवरी सिस्टम, सामान का क्वालिटी कण्ट्रोल, डिजिटल भुगतान आदि विशिष्ट तकनीकों का पूरा इस्तेमाल किया गया है। इस पोर्टल को सार्वजनिक रूप से दिसंबर के महीने के प्रथम सप्ताह में लांच किया जाएगा।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि ई-कॉमर्स का लोगो (प्रतीक चिन्ह) देश की एक बड़ी एडवरटाइजिंग एवं ब्रांडिंग कम्पनी ने कैट के एक देशव्यापी सर्वे जिसमें व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को शामिल किया गया था, से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार किया है।

पोर्टल का यह प्रतीक चिन्ह इसकी खूबियों को स्वत : ही बयान करेगा। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि निश्चित रूप से हमारे भारतईमार्केट पोर्टल का लोगो देश भर में पसंद किया जाएगा और ई कॉमर्स की दुनिया में अपना स्थान स्वयं बनाएगा। भरतिया एवं खंडेलवाल ने यह भी बताया कि यह स्वदेशी ई- कॉमर्स देश के व्यापारियों का, व्यापारियों के द्वारा तथा व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए वाले मूल सिद्धांत पर आधारित होगा।

निर्माता से लेकर आखिरी उपभोक्ता तक की वर्तमान व्यवसाय पद्धति जो अभी ऑफलाइन में चल रही है, का उसी प्रकार से एलेक्ट्रॉनिकीकरण किया जाएगा। इससे जहां एक तरफ ऑनलाइन पर वर्तमान सप्लाई चेन को बल मिलेगा तो वही दूसरी ओर देश भर के व्यापारियों की निजी दुकानों के व्यापार में बड़ी वृद्धि होगी। इस पोर्टल के जरिये अब भारत के व्यापारियों की दुकाने 24 घंटे खुली रहेंगी।

विशेष बात यह कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के आह्वान को ई कॉमर्स व्यापार के माध्यम से जमीन पर संभव करेगा। इसमें डिजिटल पेमेंट पर ज्यादा जोर होगा। कैट ने साफ किया है कि ये पोर्टल ग्लोबल दिग्गजों की तरह खुद के मुनाफे के लिए काम नहीं करेगी, बल्कि इनका मकसद देसी रिटेल व्यापार की मौजूदा स्थिति को सुधारने और इनके भविष्य को बेहतर बनाने का है।

गौरतलब है कि कैट देश के व्यापारियों का शीर्ष संगठन है, जिसके साथ देश भर के 40 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठन जुड़े हुए हैं जिनके जरिये कैट देश के 7 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह पूरे विश्व में सबसे बड़ी सप्लाई चेन है।