Terror Attack Alert: पठानकोट में आतंकी हमले का खतरा, जम्मू-कश्मीर में रेड अलर्ट जारी

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जम्मू : पाकिस्तान की पनाह में बैठे आतंकवादी और उनके आकाओं ने एक बार फिर भारत के खिलाफ गतिविधियां तेज कर दी हैं. ये आतंकवादी जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की शह पर घुसपैठ करने की फिराक में हैं. खबर है कि सुरक्षा एजेंसियों को पठानकोट से जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर तक आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला है कि यह आतंकवादी पठानकोट से लेकर जम्मू-कश्मीर के पुंछ तक के किसी भी क्षेत्र में स्कूल, शैक्षणिक संस्थान अथवा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों पर हमला कर सकते हैं. इस खतरे को भांपते हुए जम्मू-कश्मीर में रेड अलट जारी कर दिया गया है.

कठुआ का आर्मी पब्लिक स्कूल में अवकाश घोषित

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ करवाने और सुरक्षा संस्थानों को निशाना बनाने की फिराक में जुटा हुआ है. यह इनपुट सुरक्षा एजेंसियों को मिला है. इसके बाद पठानकोट से लेकर जम्मू के रतनूचक तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. सुरक्षा बलों के लिए विशेष हिदायतें दी गई हैं. इसके साथ ही, कठुआ के आर्मी पब्लिक स्कूल में बुधवार को सुरक्षा कारणों से अवकाश घोषित कर दिया गया है.

हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

सूत्रों के अनुसार हीरानगर सेक्टर के ठीक सामने आईएसआई और पाकिस्तानी एजेंसियां एक बार फिर भारतीय सीमा में दहशत फैलाने के मंसूबों पर काम कर रही हैं. आतंकी लॉन्चपैड शकरगढ़ में संदिग्धों की मौजूदगी और उनके नापाक मंसूबों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. गलवार को सुरक्षा कारणों से आर्मी पब्लिक स्कूल को जहां अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. वहीं, सभी महत्वपूर्ण इमारतों और संस्थानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करते हुए गश्त और नाकेबंदी की जा रही है. खुफिया सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों की अनायास मूवमेंट पर भी बुधवार तक रोक लगा दी गई है.

सैन्य संस्थान को बनाया जा सकता है निशाना

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि किसी सैन्य संस्थान या फिर उससे सटे इलाके को निशाना बनाया जा सकता है. सुरक्षा एजेंसियां इसलिए भी चौकस हो गई हैं कि घुसपैठ करवाए जाने के अलावा हमले के लिए जम्मू कश्मीर में पहले से दाखिल हो चुके आतंकियों या फिर ओवर ग्राउंड वर्करों की भी मदद ली जा सकती है. शाम ढलने के साथ ही तमाम सैन्य क्षेत्रों की सुरक्षा को कई गुणा बढ़ा दिया गया है. पुलिस और अर्ध सैनिक बल भी अलर्ट पर हैं.

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