टाटा स्टील के कर्मचारियों को मिल सकता है 300 करोड़ रुपए का बोनस, प्रबंधन के साथ यूनियन की वार्ता 4 सितंबर को

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जमशेदपुर, अशोक झा : टाटा स्टील के कर्मचारियों को सोमवार को बड़ी खुशखबरी मिलेगी. टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन सोमवार को बोनस समझौते का ऐलान करने जा रही है. टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन के साथ सोमवार की सुबह 11 बजे एमडी ऑफिस में सालाना बोनस को लेकर यूनियन के साथ वार्ता करेंगे. 12: 30 बजे टाटा स्टील प्रबंधन, टाटा वर्कर्स यूनियन और उप श्रमायुक्त बोनस समझौता पर हस्ताक्षर कर सकते है. कल होने वाली बोनस वार्ता पर कर्मचारियों के साथ शहरवासियों की नजरें टिकी हुई है.

17 से 18 फीसदी बोनस मिलने की संभावना

इस साल टाटा स्टील के कर्मचारियों को 17 से 18 प्रतिशत बोनस मिलने की संभावना है. 17 से 18 प्रतिशत बोनस समझौता होने पर बोनस मद में कर्मचारियों के बीच 280 से 290 करोड़ रुपये बंटेंगे. हालांकि, यूनियन कर्मचारियों को 20 प्रतिशत बोनस दिलाने के लिए प्रयासरत है. अगर यूनियन नेतृत्व इसमें कामयाब रही तो बोनस की राशि 300 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान हैं. बोनस की गणना नेट प्रोफिट, प्रोडक्टिविटी और सेफ्टी हैं. इस साल सेफ्टी मानदंड में राशि कटेगी, पिछले साल सेफ्टी में पूरी राशि मिली थी.

पिछले साल मिला था 317.57 करोड़ रुपए

वर्ष 2022 में टाटा स्टील में बोनस की कुल राशि 317.57 करोड़ और 47.42 करोड़ रुपये गुडविल अमाउंट मिलाकर कुल 364.93 करोड़ रुपये बंटे थे. 317.51 करोड़ की राशि टाटा स्टील जमशेदपुर सहित देश के सारे लोकेशन की थी. इन सारे लोकेशनों के कुल कर्मचारियों की संख्या पिछले साल 23710 थी, जिनके बेसिक और डीए की राशि 1587 करोड़ हो रही थी. इस बोनसेवल सैलरी की 20 प्रतिशत राशि 377.51 करोड़ थी. इसमें से टाटा स्टील जमशेदपुर और ट्यूब डिवीजन का बोनस 188.64 करोड़ रुपये था, जबकि 2021 में यह राशि 158.31 करोड़ रुपये थी. इसी तरह जमशेदपुर और ट्यूब्स के कर्मचारियों को पिछले साल बोनस के रूप में 30 करोड़ ज्यादा मिले थे, अभी भी बोनस पुराने फॉर्मले के अनुसार होगा. जबकि 2021 में 270.28 करोड़ रुपये थी.

पुराने फॉर्मूले के आधार पर होगा बोनस समझौता

इस साल भी टाटा स्टील में बोनस पुराने फॉर्मूले के आधार पर होगा. टाटा स्टील में बोनस फाॅर्मूला वर्ष 2023-2024 तक के लिए बना हुआ है.जिसके तहत प्रॉफिट का 1.5 फीसदी, प्रोफिटेबिलिटी पर प्रोफिट प्रति टन सेलेबल स्टील, प्रोडक्टिविटी प्रति टन क्रूड स्टील का एक व्यक्ति प्रति वर्ष उत्पादन करना और सेफ्टी यानी एलटीआइआर के आधार पर वर्ष 2024 तक का समझौता होगा. वर्ष 2012 के पहले भी प्रतिशत के आधार पर बोनस समझौता होता था. लेकिन वर्ष 2012 के बाद से फॉर्मूला आधारित बोनस समझौता हुआ. लेकिन इस फॉर्मूला में एक शर्त थी कि बोनस की अमाउंट (प्रति कर्मचारी) 20 प्रतिशत से ज्यादा होता है, तो फॉर्मूला के बजाय 20 प्रतिशत बोनस लागू होगा. टाटा स्टील में प्रॉफिट शेयरिंग बोनस का प्रावधान है.

20 फीसदी से अधिक बोनस का नहीं है प्रावधान

वित्तीय वर्ष 2021-22 में टाटा स्टील को 41,749 करोड़ बोनस हुआ है. फॉर्मूला के तहत कुल प्रॉफिट का 1.5 प्रतिशत बोनस में दिया गया. यानी बोनस राशि 626 करोड़ रुपये थी. अन्य मद में भी करीब 150 करोड़ रुपये मिलते, जो कुल राशि 50 प्रतिशत से ज्यादा था. कानूनन 20 प्रतिशत से ज्यादा बोनस का प्रावधान नहीं है, इसलिए पुराना फॉर्मूला पूर्ण रूप से लागू नहीं हो पाया. कंपनी को हुए बेहतर मुनाफा पर बेहतर बोनस के मौके को यूनियन छोड़ना नहीं चाह रही थी, इसलिए प्रबंधन के सामने 20 हजार रुपये प्रति कर्मचारी नकद (गुडविल अमाउंट) गिफ्ट की डिमांड को रखी, प्रबंधन ने यूनियन के साथ समझौता करते हुए तय किया कि यह फॉर्मूला वर्ष 2023-24 तक लागू रहेगा. यूनियन सूत्रों के अनुसार प्रबंधन और यूनियन के बीच बोनस फॉर्मूला तय होने और पूर्व की वार्ता में सहमति लगभग बन गयी है.

टाटा ग्रोथ शॉप में भी आज होगा समझौता

पूर्व से चल रही परंपरा के अनुसार, सोमवार को टाटा ग्रोथ शॉप कर्मचारियों के सालना बोनस पर समझौता होने जा रहा है. पिछले साल टाटा ग्रोथ शॉप प्रबंधन और यूनियन के बीच हुए समझौता के अनुसार, कंपनी के 267 कर्मियों के बीच 3.49 करोड़ रुपये बोनस की राशि बंटी थी. जिसमें न्यूनतम बोनस 72,624 रुपये और 20,000 रुपये गुडविल अमाउंट जबकि अधिकतम बोनस राशि 3,35,692 रुपये और 20,000 रुपये गुडविल अमाउंट थी.

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