किसी कंट्रोवर्सी से नाम जुड़ा है, यह बिग बॉस वालों का सवाल होता है… जानिए ऐसा क्यों कहा तरुण खन्ना ने

5

छोटे पर्दे पर कई पौराणिक शोज का चेहरा रहे अभिनेता तरुण खन्ना जल्द ही कलर्स के पौराणिक शो शिव शक्ति तप त्याग और तांडव में नजर आने वाले हैं. इस नए पौराणिक शो से जुड़ी चुनौती और कैरियर पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत के प्रमुख अंश….

इस सीरियल ने आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?

सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि इंद्र का किरदार कर रहा हूं, जो कहने को तो स्वर्ग के राजा हैं, लेकिन कहीं ना कहीं वो खलनायक नजर आते हैं, उनकी जो भी हम कहानियां सुनते हैं. हकीकत में वह भी नायक हैं. इंद्र देवराज हैं, यह सोचने की जरूरत है कि उसमे कुछ तो सकारात्मक होगा, जो उसे ये उपाधि मिली है और ब्रह्मा, विष्णु और महेश ये तीनों जो हमारे त्रिदेव हैं, उन्होंने हमेशा उसे सपोर्ट किया है, तो कुछ तो खासियत ज़रूरर होगी. वो सकारात्मकता अपने किरदार में लाना ही अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती होती है, वैसे यह सीरियल कहानी शिव और शक्ति की है और उनके प्यार की है, लेकिन, हां इसमें इंद्र की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है.

इस शो के निर्माता सिद्धार्थ तिवारी के साथ आपने पहले भी शो किया है?

ये शो कर रहा हूं, तो सिर्फ सिद्धार्थ तिवारी की वजह से ही कर रहा हूं. अगर ये सिद्धार्थ तिवारी के अलावा किसी और कंपनी का शो होता, तो शायद करता भी नहीं. मैंने इस किरदार को पहले तीन बार मना कर दिया था, लेकिन वे मनाते रहे हैं. हमने कई साल से दिवाली साथ मनाई है. जन्मदिन साथ मनाये हैं. कोई न कोई शोज के पांच सौ एपिसोड्स की पार्टियां एक साथ मनाई है. हम ही नहीं हमारे परिवार भी मिले-जुले हैं, मेरे सामने उनकी शादी हुई है. हमारी इस लेवल पर पर एक-दूसरे दोस्ती है. ऐसे लोगों को आप परिवार ज़्यादा मानते हो और परिवार के रिश्ते कम होते हैं. मुझे ये भी पता है कि अगर वो मुझे किसी रोल के लिए बुलाएंगे, तो मुझे जाया नहीं करेंगे.

तीन बार इस शो को ठुकराने की वजह क्या थी?

इंद्र मुझे भी नेगेटिव शुरुआत में लगे थे, इसलिए मैंने नहीं करने का फैसला किया था, लेकिन फिर सिद्धार्थ ने मुझे समझाया कि हम इंद्र को पहली बार सही ढंग से देवराज के तौर पर दिखाएंगे. देवराज कोई भी आलतू-फ़ालतू नहीं बन सकता है. फिर मैंने भी दिमाग लगाया कि देवराज कोई हल्का आदमी, तो हो नहीं सकता है. अहिल्या की कहानी में मैं मानता हूं कि इंद्र बुरा बना, लेकिन वो बुरा इसलिए बना, क्योंकि उसके उस कृत्य की वजह से ही विष्णु के अवतार राम की महत्ता को दर्शाया जा सकेगा. ये शो ऐसे कई सारे पहलुओं से रूबरू करवाएगा.

आप लगातार मायथोलॉजी शो का हिस्सा रहे हैं, इसने आपमें क्या बदलाव लाया है

हां मुझ में बहुत सारे बदलाव लेकर आया है. इससे आप अपने कल्चर से बहुत ज़्यादा जुड़ जाते हो. पश्चिमी संस्कृति खुद बैसाखी के सहारे चल रहा है और हम भारतीय जिनकी सभ्यता और संस्कृति हज़ारों साल पुरानी है, हमारे बच्चे पश्चिमी संस्कृति का अंधों की तरह फॉलो करते हैं , जो बुरा लगता है. इन शोज ने मेरा पुनर्जन्म किया है.

अधिकतर आपके मायथोलॉजिकल शोज की शूटिंग मुंबई से दूर उमरगांव में होती है, ऐसे में आपने किस तरह से मुंबई में अपनी फैमिली लाइफ को मैनेज किया?

मैं इसका पूरा श्रेय अपनी पत्नी को देना चाहूंगा. मैं तो उमर गांव में शूटिंग करता रहता हूं. वो मुंबई में अकेले बच्चों और घर को भी संभालती है. इसके साथ ही इस बात का भी पूरा ध्यान देती है कि बच्चों के साथ मुझसे मिलने मेरे शूटिंग सेट्स पर भी आये. पिछले दस साल से मेरा जन्मदिन उमरगांव में ही मन रहा है और मेरी पत्नी बच्चों के साथ मिलने आती है. कई बार ये भी होता है कि वह मुंबई घर पर केक काटकर खुद से मेरा जन्मदिन सेलिब्रेट कर लेते हैं.

क्या वेब सीरीज आपकी विशलिस्ट में नहीं है?

मैं करना चाहता हूं, लेकिन यह संभव नहीं हो पाता है. राधा कृष्ण की शूटिंग के दौरान मैंने एक वेब सीरीज काशीबाई को हां कह दिया था. काशीबाई की शूटिंग कर्जत में होती थी और राधा कृष्ण की उमरगांव में. साढ़े छह घंटे मुझे आने-जाने में जाते थे. छह महीने तक मेरी जान आफत में थी. मुश्किल से दो घंटे सो पाता था.

रियलिटी शोज से दूरी की क्या वजह है?

बिग बॉस मुझे नहीं लगता है कि मैं कर पाऊंगा. मैं चौबीस घंटे किसी के सामने नहीं रह सकता हूं, मैं एक्टर हूं. मैं दूसरे लोगों के किरदार सामने ला सकता हूं. मुझे अपनी नुमाइश लगाना पसंद नहीं है. मैं बहुत ही प्राइवेट किस्म का हूं. खतरों के खिलाडी मुझे पसंद है, लेकिन वों कभी ऑफर नहीं हुआ. बिग बॉस एक दो बार ऑफर हुआ है, लेकिन उनका फिर सवाल रहता था कि आपने कोई कंट्रोवर्सी की है. मतलब वहां भी ना ही था.

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.