सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश, बिना कार्ड वालों को राशन मुहैया कराने पर विचार करें सरकारें.

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नई दिल्ली,सुप्रीम कोर्ट ने राशन कार्ड से वंचित लोगों को राशन मुहैया कराने और सबके लिए जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) की व्यवस्था पर विचार करने का मुद्दा केंद्र, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर छोड़ दिया है। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से इस संबंध में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह ‘नीतिगत मुद्दा’ है और इस पर सरकार को विचार करना चाहिए।

याचिकाकर्ता के वकील ने राशन कार्ड से वंचित लोगों को राशन मुहैया कराने और सबके लिए पीडीएस का अनुरोध किया है। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘नीतिगत मुद्दा होने के कारण यह केंद्र सरकार और संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों पर निर्भर करता है कि वह ऐसी राहत के बारे में विचार करें।’ याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने याचिकाकर्ता को अर्जी की एक प्रति सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को देने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि सबके लिए पीडीएस की व्यवस्था के संबंध में वह पहले ही आदेश जारी कर चुका है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पहले दिए गए आदेश के दायरे में वे ही लोग आते हैं जिनके पास राशन कार्ड हैं और तेलंगाना व दिल्ली जैसे राज्यों ने ऐसे लोगों को भी पीडीएस वितरण की अनुमति दी है जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। पीठ ने कहा कि मुख्य रूप से यह राज्य का विषय है।

अदालत ने कहा कि यह सरकार को देखना है कि राशन कार्ड के अलावा और किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हाल में शीर्ष अदालत ने मौजूदा लॉकडाउन के दौरान केंद्र को ‘अस्थायी’ रूप से ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना लागू करने पर विचार करने को कहा था ताकि प्रवासी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्लूएस) वर्ग को रियायती दर पर अनाज मिल सके। इस संबंध में केंद्र सरकार की योजना इस साल जून में शुरू होने वाली है।

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