Stock Market: दिनभर उतार चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 68 अंक टूटकर बंद, Nifty को भी नुकसान, जानें एक्सपर्ट की राय

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Stock Market: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन वैश्विक बाजारों के मिले-जुले रुख के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावरग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में बिकवाली होने से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट रही. कारोबारियों के मुताबिक, विदेशी पूंजी की निकासी जारी रहने से भी कारोबारी धारणा पर असर पड़ा. हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में लिवाली रहने से गिरावट रोकने में मदद मिली. अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 68.36 अंक यानी 0.10 प्रतिशत गिरकर 66,459.31 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 66,658.12 अंक के ऊपरी और 66,388.26 अंक के निचले स्तर पर भी आया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 20.25 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,733.55 अंक पर बंद हुआ.

कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के शोध प्रमुख (खुदरा) श्रीकांत चौहान ने कहा कि बाजार के एक दायरे में कारोबार करने के साथ अगले हफ्ते रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा के पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाना बेहतर समझा. आने वाले समय में तेजी का रुख बने रहने के बावजूद मुनाफावसूली होती रहेगी. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से पावरग्रिड में सर्वाधिक पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. पावरग्रिड ने सोमवार को अप्रैल-जून तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ पांच प्रतिशत से अधिक गिरने की जानकारी दी थी. इसके अलावा बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस के शेयर भी नुकसान के साथ बंद हुए. दूसरी तरफ, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयरों में बढ़त का रुख रहा.

बीएसई का मिडकैप सूचकांक 0.23 प्रतिशत गिर गया जबकि स्मालकैप सूचकांक में 0.50 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की लाभ में रहे जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट एवं हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे. यूरोप के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. सोमवार को अमेरिकी बाजारों में तेजी का रुख देखा गया था. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू सूचकांक वैश्विक बाजारों के असर में नकारात्मक रहे. आईटी कंपनियों के शेयर अमेरिका में हालात बेहतर होने की उम्मीद में तेज रहे. घरेलू स्तर पर भारत की विनिर्माण गतिविधि जुलाई में लगातार दूसरे दिन कम हुई है. मंगलवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में कहा गया कि जुलाई में उत्पादन में विस्तार और नए ऑर्डर की दर में थोड़ी कमी आने से भारत में विनिर्माण गतिविधियां लगातार दूसरे महीने कम हुई हैं.

जुलाई में सकल जीएसटी संग्रह 11 प्रतिशत बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का आंकड़ा भी सामने आया है. इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.49 प्रतिशत गिरकर 85.01 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. शेयर बाजार से मिले आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 701.17 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि कुल मिलाकर हमें आगे चलकर बाजार के एक दायरे में मजबूत होने की उम्मीद है.

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को तीन पैसे मजबूत होकर 82.26 (अस्थायी) पर बंद हुआ. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि मंगलवार को कारोबार के दौरान रुपये में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया. इसका मुख्य कारण डॉलर सूचकांक का बढ़ना और एशियाई मुद्राओं के अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले गिरना रहा. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 82.32 पर खुला. दिन में कारोबार के दौरान यह 82.24 के उच्चस्तर तथा 82.33 के निचले स्तर तक आया. अंत में यह अपने पिछले बंद भाव से पांच पैसे टूटकर 82.26 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ. रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले 82.29 पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.28 प्रतिशत बढ़कर 102.14 पर आ गया.

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