इसरो निबंध प्रतियोगिता में दिल्ली के टॉपरों से मिले सिसोदिया

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मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमें विज्ञान के क्षेत्र में ऐसी प्रतियोगिता आयोजित करने की जरूरत हैजिनमें हमारे देश के साथ ही विदेश के बच्चे भी आकर अपना ज्ञान साझा कर सकें। इसलिए हमें बच्चों में वैज्ञानिक सोच के साथ ही विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने की जरुरत है।

नए दिल्ली (दिल्ली न्यूज़24) अखिल भारतीय इसरो साइबर स्पेस प्रतियोगिता में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के दो छात्रों ने टॉप-10 में जगह बनाई है। इस प्रतियोगिता में देशभर के करीब दो लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। जिसमें से तीसरे व सातवें स्थान पर दिल्ली के बच्चों को सफलता मिली है। इन स्कूलों के बच्चों व उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों से शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सचिवालय में मुलाकात कर बधाई दी व दोनो बच्चों को अपनी पुस्तक शिक्षा भेंट की।

मुलाकात के बाद उन्होंने बच्चों से उनके कैरियर प्लान के बारें में भी चर्चा की। जिसपर छात्रा मनीषा ने कहा वह आइएएस बनना चाहती है और छात्र वरुण ने बताया कि उसे वैज्ञानिक बनना है। सिसोदिया ने कहा कि इसरो साइबर स्पेस निबंध प्रतियोगिता में सरकारी स्कूलों के बच्चों का टॉप-10 में आना दिल्ली के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा दो लाख प्रतियोगियों में से जिन दस हीरों की तलाश की गई, उनमें हमारी दिल्ली के दो हीरे हैं। उन्होंने कहा कि हमें विज्ञान के क्षेत्र में ऐसी प्रतियोगिता आयोजित करने की जरूरत है जिनमें हमारे देश के साथ ही विदेश के बच्चे भी आकर अपना ज्ञान साझा कर सकें।

उन्होंने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच के साथ ही विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने की जरुरत है। उल्लेखनीय है कि इसरो साइबर स्पेस निबंध प्रतियोगिता में पश्चिम विहार स्थित राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय के छात्र वरुण कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त और त्रिलोकपुरी स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय की छात्रा मनीषा रैकवार ने सातवां स्थान प्राप्त किया है। वह पिछले साल साइंस कांग्रेस में दूसरा स्थान हासिल कर चुकी हैं।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमें विज्ञान के क्षेत्र में ऐसी प्रतियोगिता आयोजित करने की जरूरत है जिनमें हमारे देश के साथ ही विदेश के बच्चे भी आकर अपना ज्ञान साझा कर सकें। सिसोदिया ने कहा कि विज्ञान की खूबसूरती यह है कि इससे हम पुराने विचारों और स्थापित चीजों पर सवाल करना सीखते हैं। इसलिए हमें बच्चों में वैज्ञानिक सोच के साथ ही विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने की जरुरत है।