ग़दर 2 से हिंदी फिल्मों में अपनी शुरुआत करने जा रही सिमरत कौर का पुरानी गदर से भी है खास कनेक्शन… किया खुलासा

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हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्म ग़दर का सीक्वल 11 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा वाला है. इस फिल्म से अभिनेत्री सिमरत कौर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत कर रही हैं. इस फिल्म से उनके जुड़ाव, अनुभव और विवाद पर उर्मिला कोरी के साथ हुई बातचीत…

ये फिल्म किस तरह से आप तक पहुंची है ?

काफी ऑडिशंस देने के बाद इस फिल्म तक मैं पहुंची हूं. मुकेश छाबड़ा जी बॉलीवुड के बहुत बड़े कास्टिंग डायरेक्टर्स हैं. उनके साइड से मुझे ये ऑडिशन आयी थी. जब ऑडिशन आयी थी, तब मुझे नहीं पता था कि ये ग़दर 2 के लिए है. यह मेरे लिए सस्पेंस था. मैंने ऑडिशन वीडियो में बनाकर भेज दिया, फिर मुझे कहा गया कि अगले दिन आपको पालमपुर जाना है. वहां मेरा लुक टेस्ट होना था, क्योंकि वहां पर फिल्म की शूटिंग शुरू हो गयी थी. मैं वहां पर गयी और ऑडिशन दिया. मेरे लिए वहां पर भी कोई रिस्पांस नहीं था. मैंने ऑडिशन दिया और मैं मुंबई वापस आ गयी. मुंबई आने के बीस दिन बाद भी मुझे कोई जवाब नहीं मिला. ना अच्छा ना बुरा कुछ भी नहीं. मुझे पालमपुर जाने के बाद ये ज़रूर मालूम पड़ गया कि मैं ग़दर 2 के लिए ऑडिशन दे रही हूं, लेकिन मुझे लगा मैं कोई साइड किरदार निभा रही हूं. मुझे पता नहीं था कि उत्कर्ष के अपोजिट किरदार था. मुंबई आने के बाद भी दो से तीन महीने मेरा बस ऑडिशन ही चल रहा था. मुझे ऑडिशन देते हुए एक दिन मालूम पड़ा कि ये लोग और लड़कियों को भी देख रहे हैं , जिसके बाद मेरा दिल छोटा हो गया. उस दिन मैंने निर्देशक अनिल सर को बोला कि सर मैं इतने ऑडिशन दे चुकी हूं. मैं कहां गलत हो रही हूं, जो मेरा सिलेक्शन नहीं हो रहा है.उस दिन सर ने मिठाई मंगवाई और खिलायी और कहा कि तुम चुन ली गयी हो. उन्होंने मुझे बताया कि मैंने तुझे पालमपुर में ही चुन लिया था, लेकिन मैं देखना चाहता था कि तुम में उतना धैर्य है या नहीं. मैं सच बोलूं, तो उनके हाँ कहने के बाद भी मुझे तीन दिन यकीन करने में लगा कि मैं फिल्म के लिए चुन ली गयी हूँ. जब मुझे यकीन हुआ, तो मैं बहुत रोयी थी.

सेट पर आपका पहला दिन कैसा था ?

वैनिटी वैन में बैठकर बहुत खुश थी कि मेरी वैनिटी है. मेरा स्टाफ है. लखनऊ में मेरा पहला दिन शूटिंग का था. अप्रैल में मेरी शूटिंग थी. उस वक़्त गर्मी 45 डिग्री के पार थी. मेरी हालत ख़राब थी. पहले दिन सिर्फ मेरा क्लोज़अप था. बहुत ज़्यादा कुछ सीन नहीं रखा गया था. एक्टर को सहज करने का अनिल सर का अपना तरीका था. दूसरे दिन मेरा पूरा इमोशनल डायलॉग वाला सीन था. उस दिन मैं थोड़ी नर्वस थी. नयी लड़की थी , तो सब मुझे ही ध्यान से देख रहे थे. पैकअप से पहले मेरा शॉट था. वो फिल्म का बहुत ही महत्वपूर्ण शॉट था. सब मुझे ही देख रहे. सेट पर एकदम सन्नाटा था. नर्वस हो रही थी, फिर लगा कि करना तो है ही गहरी सांस लेकर वो सीन कर दिया, जब किया सबने तालियां बजायी.सबने बोले हमारी कास्टिंग सही है. उस दिन के बाद से सेट पर मुझमें एक अलग ही आत्मविश्वास आ गया.

सनी देओल के साथ अनुभव को किस तरह से परिभाषित करेंगी ?

जब मैं पहली बार मैं उनसे मिली तो उनका सीन चल रहा था. मैंने उस वक़्त उनको पहली बार देखा. उससे पहले मैंने उनको कभी देखा नहीं था. दूर से ही उनको देखा एकदम गोरे से. उनकी पर्सनालिटी ही अलग है. अनिल सर ने मुझसे बोले जाओ उनको हैल्लो बोलकर आओ. तुम्हारे सीनियर हैं. मैंने बोला मुझे डर लग रहा है. मैं गयी , मैंने उनकी सश्रीकाल किया. उन्होंने भी बहुत अच्छे से जवाब दिया. कुछ दिनों बाद उनके साथ सीन था. एक बार फिर नर्वस हो गयी. मुझसे सीन अच्छे से परफॉर्म नहीं हो रहा था. तीन से चार रीटेक हुए, फिर सनी सर ने मुझे एक बात बोली कि दिल से आप इमोशन फील करो. ये फिर आपके चेहरे पर आ जायेगा. उसके बाद आपको एक्टिंग करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. इतने दिन से किरदार कर रही हो. उसका कुछ तो इमोशन कनेक्ट किया होगा, तो उसको फील करो. उसके बाद मेरा सीन ओके हो गया. सनी सर की ये बात मैं हमेशा याद रखूंगी.

ग़दर वन से जुडी कुछ याद है?

बहुत ही खास है, जब गदर वन की शूटिंग अमृतसर रेलवे स्टेशन पर हो रही थी, तो मेरी मम्मी वहां पर शूटिंग देखने गयी थी. उन्होंने मुझे गोदी में उठाया था. मैं साल भर की थी. (हंसते हुए ) मैं सबको यही बोलटी हूँ कि गदर वाले इन्तजार कर रहे थे कि कब ये लड़की बड़ी होगी और हम ग़दर 2 की शूटिंग शुरू करेंगे. ग़दर २ मेरी वजह से देर से फ्लोर पर गयी है.

अमीषा पटेल से आपकी तुलना के लिए आप कितनी तैयार हैं ?

बहुत अच्छी बात है कि इतनी बड़ी अभिनेत्री के सतह मेरी तुलना हो रही है. वो मेरी सीनियर हैं. मुझसे बहुत साल पहले से वह इंडस्ट्री में हैं. इस फिल्म में उनका पहला ओहदा है. मैं अभी शुरुआत कर रही हूं. मैं एक मुकाम तो पहले बना लूं, तो मेरी तुलना हो तो सही रहेगा.

उत्कर्ष फिल्म में आपके अपोजिट है, वो कितना सपोर्टिंव था?

वो बहुत ही अच्छा कोएक्टर है. मुझे उससे अच्छा कोएक्टर नहीं मिल सकता है. आमतौर पर लोग अपने अनुभव और सीख आपसे शेयर नहीं करते हैँ, लेकिन उसने मुझसे सबकुछ शेयर किया. उसने एक्टिंग सीखी है. उसका अनुभव भी है. आप जिस तरह से बात करते हो पॉज लेते हो.उसने मुझे वो भी बताया. फिल्म में मुझे थोड़े बहुत उर्दू में डायलॉग बोलने थे. उत्कर्ष ने मुँह में पानी भरवकर मुझे क्लास दी ताकि परफेक्ट उर्दू बोल पाऊं.

एक्टिंग करियर की शुरुआत कैसे हुई ?

एक्टिंग का कभी नहीं सोचा था. मैं हमेशा से स्पोर्ट्स प्लेयर्स थी. मैं कराटे ब्लैक बेल्ट हूँ. चैंपियनशिप खेल चुकी हूं. गोल्ड मेडलिस्ट हूँ. मुझे पहला कॉल कैडबरी पोस्टर एड के लिए आया था. 2017 की बात है. मेरे इंस्टाग्राम के फोटोज को देखकर आया था. मुझे लगा कि ये कोई फेक लोग होंगे. उन्होंने बोला कि हमें फ्रेश कॉलेज लुक वाला फेश चाहिए. मैंने सोचा चलो पॉकेट मणि के लिए कर लेती हूँ. मेरी फोटो ही तो ये लोग लेंगे. उसके बाद मेरा नंबर इंडस्ट्री में बहुत फ़ैल गया. मुझे मेरा पहला ऑफर साउथ से मिला. पहली फिल्म करते हुए भी मेरी कोई ज़्यादा रूचि नहीं थी. मेरा मम्मी पापा चाहते थे कि मैं एक्टिंग में करियर बनाऊं. हैदराबाद ऑडिशन जाकर देने के लिए मैं राजी नहीं थी. मेरे मम्मी मुझे लेकर गयी थी. मम्मी ने ही सब कुछ मैनेज किया. अपने अपने अब करियर में बहुत सारे उतर – चढ़ाव भी देखें हैं. दो साल कोविड में भी गए हैं. मम्मी ने फिर सपोर्ट किया कि तुम कोशिश करते रहो , लेकिन खुद पर प्रेशर मत दो. मेरे पापा नैवी में थे. अभी रिटायर हैँ. हमारा बुक का बिजनेस था, लेकिन फिलहाल मैंने अपने मम्मी पापा को बोल दिया है. आप आराम करो. मैं काम करूंगी.

बीते दिनों एक फिल्म से आपका इंटिमेट सीन्स काफी वायरल हुआ था, उस विवाद पर आपका क्या कहना है?

मेरी शुरुआत हुई है. ये दुनिया मैंने देखी नहीं थी . इंसान हूँ, गलतियां हो जाती है. हम गलतियों से ही सीखते हैं.

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