Lok Sabha Election: राहुल गांधी और खरगे से मिले शरद पवार, विपक्षी एकता के बीच मुलाकात के क्या हैं मायने

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लोकसभा चुनाव 2024 के लिए विपक्षी एकजुटता के प्रयासों के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की. खरगे के आवास में हुई बैठक में राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे. माना जा रहा है कि खरगे के आवास पर हुई इस बैठक में विपक्षी एकजुटता को व्यापक और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई.

विपक्षी एकता के बीच राहुल, खरगे से शरद पवार की मुलाकात बेहद खास

शरद पवार की खरगे और राहुल गांधी के साथ बैठक उस समय हुई है, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर सबको एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं.

अदाणी मुद्दे पर पवार ने कांग्रेस अलग रुख अपनाया

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ शरद पवार की मुलाकात को इसलिए भी खास बताया जा रहा है, क्योंकि हाल ही में शरद पवार ने अदाणी मामले पर कांग्रेस से अलग रुख जाहिर किया था. पवार ने कहा था की उनकी पार्टी अदाणी समूह के खिलाफ आरोपों की जेपीसी से जांच कराने की भाजपा विरोधी पार्टियों की मांग से सहमत नहीं है.

विपक्ष को एक मंच पर लाने की कोशिश में लगे नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार दो दिन से दिल्ली में कैंप किये हुए हैं. इस दौरे में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात. इन बैठकों में यह तय किया गया कि अधिक से अधिक विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने के साथ साथ देश के लिए ‘विपक्ष का दृष्टिकोण’ सामने रखा जाएगा. नीतीश ने दिल्ली दौरे के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी से भी मुलाकात की.

खरगे ने भी नीतीश, स्टालिन और ठाकरे से फोन पर की थी बात

मालूम हो विपक्षी एकता के बीच कुछ दिनों पहले ही, खरगे ने नीतीश कुमार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की थी.

नीतीश का दावा विपक्ष एकजुट हो, तो बीजेपी 100 से कम सीटों पर सिमट जाएगी

नीतीश कुमार अतीत में कई बार कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए हाथ मिलाने की सलाह दे चुके हैं. इसी साल फरवरी में नीतीश कुमार ने इस बात पर जोर दिया था कि यदि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल 2024 का लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ते हैं, तो भाजपा 100 से कम सीटों पर सिमट जाएगी.

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