Share Market: शेयर बाजार में छठे दिन तूफानी तेजी, निवेशकों ने कमाए 17 लाख करोड़, इन फैक्टर्स ने भरा जोश

9

Share Market Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में लगातार छठे दिना शेयर बाजार में तेजी जारी. आज बीएसई सेंसेक्स 431 अंक उछलकर 69,296.14 अंक के रिकार्ड स्तर पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉल एक्सचेंज का निफ्टी भी 168.50 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचकर 20,855.30 बंद हुआ. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण मंगलवार को 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर 350 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. विश्लेषकों ने कहा कि पिछले सप्ताह जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों के बेहतर रहने से जो सकारात्मक धारणा बनी थी, उसे विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह तथा विधानसभा चुनावों के नतीजों से और मजबूती मिली. तीन राज्यों…मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के नतीजों से देश में राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है. साथ ही, निवेशक यह उम्मीद कर रहे हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर को यथावत रखेगा. मौद्रिक नीति घोषणा शुक्रवार को की जाएगी.

इन शेयरों में दिखा एक्शन

सेंसेक्स की कंपनियों में पावर ग्रिड 4.46 प्रतिशत, एनटीपीसी 3.89 प्रतिशत, एसबीआई 2.31 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक 2.28 प्रतिशत मजबूत हुए. लाभ में रहने वाली अन्य कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन और मारुति शामिल हैं. दूसरी तरफ हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस 1.49 प्रतिशत तक नुकसान में रहे. सेंसेक्स के तीस शेयरों में से 20 लाभ में रहे जबकि निफ्टी के 50 शेयरों में 32 लाभ में रहे. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 2,073.21 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका में इस सप्ताह रोजगार के आंकड़े जारी होने से पहले दुनिया के अन्य प्रमुख बाजारों में जहां सतर्कता का रुख है, वहीं घरेलू बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा और दोनों मानक सूचकांक नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गये. राज्यों में विधानसभा चुनावों के परिणाम और जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा उम्मीद से अधिक रहने जैसे कारणों से बाजार में तेजी बनी हुई है. इससे भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों का पूंजी प्रवाह भी हो रहा है. उन्होंने कहा कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा में यथास्थिति बनाये रखने की संभावना है. हालांकि, आर्थिक वृद्धि, खाद्य वस्तुओं के दाम और मुद्रास्फीति को लेकर टिप्पणी पर निवेशकों की नजर होगी. एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्की नुकसान में रहे. यूरोप के बाजारों में शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख रहा. अमेरिका बाजार में सोमवार को मिला-जुला रुख था. इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड एक प्रतिशत की बढ़त के साथ 78.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

रुपया एक पैसे की बढ़त के साथ 83.37 प्रति डॉलर पर बंद

विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा के मजबूत रुख और सेवा क्षेत्र के निराशाजनक आंकड़ों के बीच रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसे बढ़कर 83.37 (अस्थायी) के भाव पर बंद हुआ. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि सीमित दायरे में हुए कारोबार के बीच घरेलू बाजारों में तेजी के माहौल और कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से रुपये को थोड़ा समर्थन मिला. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 83.41 पर खुला. कारोबार के दौरान यह 83.41 के निचले और 83.37 प्रति डॉलर के ऊपरी स्तर पर रहा. अंत में यह 83.37 (अस्थायी) प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ. यह डॉलर के मुकाबले रुपये के पिछले बंद भाव से एक पैसे की बढ़त दर्शाता है. रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 83.38 पर बंद हुआ था. इस बीच दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत कमजोर होकर 103.63 पर आ गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 2,073.21 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे. शेयरखान बाइ बीएनपी परीबा के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति पर शुक्रवार को आने वाले निर्णय के पहले निवेशक थोड़े सतर्क रह सकते हैं.हालांकि विदेशी पूंजी की आवक बढ़ने और कच्चे तेल में नरमी से रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिलने की उम्मीद है.

(भाषा इनपुट)

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.