Share Market: अदाणी और एनर्जी सेक्टर के कारण संभला शेयर बाजार, सेंसेक्स 204 अंक चढ़ा

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Share Market Closing Bell: विदेशी निवेशकों की सक्रियता के बीच वाहन, बिजली और धातु शेयरों में अंतिम दौर की खरीदारी आने से मंगलवार को घरेलू मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी पिछले दो सत्रों की गिरावट से उबरते हुए चढ़कर बंद हुए. उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 204.16 अंक यानी 0.31 प्रतिशत बढ़कर 66,174.20 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 66,256.20 के ऊपरी और 65,906.65 के निचले स्तर पर रहा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मानक सूचकांक निफ्टी 95 अंक यानी 0.48 प्रतिशत बढ़कर 19,889.70 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स की कंपनियों में से टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, टाइटन और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से बढ़त के साथ बंद हुईं. दूसरी तरफ आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड के शेयरों में गिरावट का रुख रहा. जियोजीत फाइनेंशिल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का बाजार में धीरे-धीरे वापस लौटना एक मजबूत सकारात्मक पहलू है. पेट्रोलियम निर्यातक देशों की बैठक के पहले कच्चा तेल भी स्थिर बना हुआ है जिसका लाभ तेल कंपनियों को मिलेगा. धातु और सार्वजनिक बैंकों के शेयर भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.

अदाणी समूह ने एक दिन में कमाया 11.31 लाख करोड़

आज अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में खासी तेजी रही. हिंडनबर्ग मामले में उच्चतम न्यायालय की सकारात्मक टिप्पणियों ने समूह की कंपनियों के प्रति रुझान पैदा किया. समूह की सभी 10 कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन बढ़कर 11.31 लाख करोड़ रुपये हो गया. अदाणी टोटल गैस में 20 प्रतिशत, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में 19.06 प्रतिशत, अदाणी पावर में 12.32 प्रतिशत, अदाणी ग्रीन एनर्जी में 12.27 प्रतिशत, एनडीटीवी में 11.73 प्रतिशत, अदाणी विल्मर में 9.96 प्रतिशत और अदाणी एंटरप्राइजेज में 8.66 प्रतिशत की तेजी रही. अधिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.30 प्रतिशत और स्मालकैप सूचकांक में 0.06 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट चढ़कर बंद हुए जबकि जापान का निक्की और हांगकांग का सूचकांक हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए. यूरोप के प्रमुख बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. सोमवार को अमेरिकी बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे. इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.19 प्रतिशत चढ़कर 80.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. गुरु नानक जयंती के अवसर पर सोमवार को शेयर बाजार बंद रहे थे. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 2,625.21 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी खरीदी थी. पिछले कारोबारी दिवस शुक्रवार को सेंसेक्स 47.77 अंक की गिरावट के साथ 65,970.04 पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 7.30 अंक फिसलकर 19,794.70 अंक पर रहा था.

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से उबरा, डॉलर के मुकाबले छह पैसे मजबूत

शेयर बाजारों में सकारात्मक धारणा और विदेशी पूंजी निवेश आने के बीच मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले छह पैसे मजबूत होकर 83.34 के भाव (अस्थायी) पर बंद हुआ. इस तरह रुपया अमेरिकी मुद्रा के समक्ष अपनी सबसे निचली स्थिति से उबरने में सफल रहा. पिछले कारोबारी दिवस शुक्रवार को रुपया 83.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर में कमजोरी आने और कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब रहने से रुपये को समर्थन मिला. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 83.37 के भाव पर खुला और कारोबार के दौरान 83.32 के ऊपरी और 83.39 के निचले स्तर पर पहुंचा. हालांकि कारोबार के अंत में यह डॉलर के मुकाबले 83.34 के भाव (अस्थायी) पर बंद हुआ जो छह पैसे की मजबूती को दर्शाता है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि भारतीय रुपये ने कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की क्योंकि कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बाद डॉलर में प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले कमजोरी आई. हालांकि महीने के अंत में डॉलर की मांग आने से रुपये की बढ़त प्रभावित हुई. अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.18 प्रतिशत बढ़कर 80.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

(भाषा इनपुट के साथ)

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