Share Market: भारतीय शेयर बाजार उठा-पटक के बीच हरे निशान के साथ बंद, सेंसेक्स 86 अंक चढ़ा

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Share Market Closing Bell: स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन तेजी रही. मासिक वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों के निपटान और अमेरिकी बाजारों में सुस्ती के बीच उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए. इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 86.53 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की तेजी के साथ 66,988.44 पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में सूचकांक 67,069.89 के उच्चतम और 66,610.35 के निचले स्तर पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद बीएसई पर सभी सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन लगातार दूसरे दिन 4,000 अरब डॉलर से ऊपर बना रहा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 36.55 अंक यानी 0.18 प्रतिशत बढ़कर 20,133.15 पर बंद हुआ. टाटा टेक्नोलॉजीज और गांधार ऑयल रिफाइनरी (इंडिया) लिमिटेड के शेयर जोरदार बढ़त के साथ सूचीबद्ध हुए. इससे बाजार में उम्मीद बढ़ी है.

इन शेयरों में आयी तेजी और मंदी

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, विप्रो, टाइटन, एक्सिस बैंक और बजाज फिनसर्व में बढ़त हुई. दूसरी ओर इंडसइंड बैंक, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स और भारतीय स्टेट बैंक नुकसान में रहे. एचडीएफसी के खुदरा अनुसंधान प्रमुख दीपक जसानी ने कहा कि वैश्विक ब्याज दरों में नरमी के अनुमान और आर्थिक सुधार के संकेतों के कारण निवेशकों की धारणा मजबूत होने से एशियाई बाजारों में 10 महीनों की सबसे मजबूत तेजी आई. यूरोपीय शेयर बाजारों में भी शुरूआती कारोबार में हल्की तेजी आई. अधिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाले बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.96 प्रतिशत चढ़ा और मिडकैप सूचकांक में 0.83 प्रतिशत की तेजी रही. क्षेत्रवार बात करें तो स्वास्थ्य सेवा में 1.66 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु में 1.61 प्रतिशत, रियल्टी में 1.52 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में 1.48 प्रतिशत और पूंजीगत वस्तु में 1.39 प्रतिशत की वृद्धि हुई. दूसरी ओर जन केंद्रित सेवाओं से जुड़े क्षेत्र और बैंक सूचकांक में गिरावट रही.

कैसा रहा अन्य देशों का बाजार

अन्य एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए. यूरोपीय बाजार तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.84 प्रतिशत चढ़कर 83.80 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा. शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 71.91 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

रुपया सात पैसे टूटकर 83.39 प्रति डॉलर पर बंद

अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार को सात पैसे की गिरावट के साथ 83.39 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ. वैश्विक बाजार में डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच रुपये में गिरावट आई. विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने कहा कि तेल उत्पादक समूह ओपेक+ द्वारा वार्षिक उत्पादन लक्ष्य की घोषणा से पहले कच्चे तेल की कीमतें 84 डॉलर प्रति बैरल के करीब थीं. इससे रुपया दबाव में रहा. उन्होंने कहा कि निवेशकों को आज जारी होने वाले सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़ों का भी इंतजार है. जबकि डॉलर में सुधार की वजह यह उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दर नहीं बढ़ाएगा. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 83.31 पर मजबूती से खुला और दिन के कारोबार में यह 83.29 के ऊपरी तथा 83.41 के निचले स्तर तक पहुंचा. कारोबार के अंत में रुपया डॉलर के मुकाबले 83.39 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले सात पैसे कम है. रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे बढ़कर 83.32 पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को यह छह पैसे मजबूत हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.42 प्रतिशत बढ़कर 103.20 पर रहा. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत बढ़कर 83.93 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था.

(भाषा इनपुट के साथ)

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