‘बॉलीवुड’ की जगह भारतीय सिनेमा या हिंदी सिनेमा का इस्तेमाल किया जाना चाहिये – संजय मिश्रा

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उन्होंने भारतीय सिनेमा को भाषाई खांचों में बांटे जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि दोनों ऑस्कर पुरस्कार भारतीय सिनेमा को मिले हैं. मिश्रा ने कहा, ”सत्यजीत रे को भी जब ऑस्कर मिला था, तो यह बंगाली सिनेमा के लिए नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए मिला था.” दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों की नकल के आरोपों से उन्होंने हिन्दी सिनेमा का बचाव किया. मिश्रा ने कहा, यह नकल करना क्या होता है? शेक्सपियर और कालिदास की (क्रमश: अंग्रेजी और संस्कृत में लिखी गईं) रचनाओं का भी अन्य भाषाओं में अनुवाद किया गया था. इसके पीछे यही सोच थी कि उनकी रचनाओं को हर जगह पहुंचाया जाए. कला जगत में इस अनुवाद को नकल या चोरी नहीं कहते.” मिश्रा आगामी फिल्म चल जिंदगी फिल्म के प्रचार के लिए इंदौर आए थे. जल्द ही रिलीज होने जा रही इस फिल्म को विवेक शर्मा ने निर्देशित किया है.

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