आप मंदिर जाते क्यों हैं राहुल गांधी जी ? ‘सनातन धर्म’ मामले पर बीजेपी ने किया कांग्रेस पर हमला

6

डीएमके नेता व तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के पुत्र उदयनिधि स्टालिन ने ‘सनातन धर्म’ को लेकर विवादित टिप्पणी की है जिसके बाद से राजनीतिक प्रतिक्रिया लगातार आ रही है. इस क्रम में बीजेपी नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद का बयान आया है. उन्होंने मामले को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि राहुल गांधी जी ‘सनातन धर्म’ का खुला अपमान किया गया है आपके गठबंधन के द्वारा..आप खामोश क्यों हैं ? आप मंदिर जाते क्यों हैं ? केवल दिखावे के लिए…उन्होंने कहा कि आप जिस घमंडिया के साथ देश को बदलने की बात करते हैं. मोदी जी को हटाने की बात करते हैं…यही अहंकार है जिसके कारण आपको हम घमंडिया कहते हैं. बीजेपी सांसद ने कहा कि इतने दिन तक खमोश रहेंगे…नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, ममता दीदी…ममता बनर्जी दुर्गा पूजा के पंडाल में जाने की बात करतीं हैं. ये पूरा ग्रुप वोट के लिए घोर अहिंदू बन सकता है. अगले चुनाव में जनता इन्हें सबक सिखाएगी.

हमारे इतिहास व सनातन धर्म का अपमान : अमित शाह

राजस्थान के डूंगरपुर में एक रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी गठबंधन पर वोट बैंक व तुष्टीकरण की राजनीति के लिए सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया. उदयनिधि के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने हमारी संस्कृति, हमारे इतिहास व सनातन धर्म का अपमान किया है. कहा कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष कहते हैं नरेंद्र मोदी जी जीतेंगे, तो सनातन का राज आयेगा. सनातन का राज लोगों के दिल में है, उसको कोई हटा नहीं सकता. मोदी जी ने कहा है कि यह देश भारत के संविधान के आधार पर चलेगा.

विपक्षी गठबंधन पर नफरत फैलाने का आरोप जेपी नड्डा ने लगाया

वहीं, मध्य प्रदेश के चित्रकूट में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्षी गठबंधन पर नफरत फैलाने व भारत की संस्कृति पर हमला करने का आरोप लगाया. उदयनिधि के बयान की चर्चा करते हुए कहा कि क्या सनातम धर्म को समाप्त करना ही विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की रणनीति है? उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया कि चुनाव में सनातन धर्म विरोधी विपक्षी गठबंधन को खारिज करें. दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ‘एक्स( ट्विटर)’ पर कहा कि विपक्षी गठबंधन का महज नाम बदलने से भारत और उसकी समृद्ध संस्कृति के प्रति उसके मन में मौजूद नफरत को छुपाया नहीं जा सकता. ठाकुर ने कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि द्रमुक या विपक्षी गठबंधन की कई अन्य पार्टी हिंदुओं व सनातन धर्म के खिलाफ इस हद तक नफरत रखती है कि इसकी तुलना डेंगू व मलेरिया से कर रही है. दूसरों को सनातन धर्म को खत्म करने के लिए उकसा रही है.

जानें क्या है मामला

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके की युवा इकाई के सचिव व राज्य के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शनिवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम में विवादित बयान दिया. उन्होंने सनातन धर्म को समानता व सामाजिक न्याय के खिलाफ बताया और कहा कि इसका उन्मूलन किया जाना चाहिए. सनातन धर्म की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया व डेंगू वायरस व मच्छरों से होने वाले बुखार से की. कहा कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि इन्हें समाप्त कर देना चाहिए. आरोप लगाया कि सनातन ने लोगों को जातियों के आधार पर बांटा है.

उदयनिधि ने क्या दी सफाई

इस बीच उदयनिधि ने अपनी बात दोहराई है, और कहा है कि बीजेपी के दावे के अनुसार उन्होंने अपने बयान में कहीं भी नरसंहार का जिक्र नहीं किया है. उन्होंने बस सनातन धर्म की आलोचना करने का काम किया है. उदयनिधि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया और कहा कि जैसे पीएम मोदी ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की बात करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह कांग्रेसियों की हत्या करने के लिए कह रहे हैं. अपने पुराने बयान पर कायम रहते हुए उदयनिधि ने कहा कि उन्होंने सिर्फ सनातन धर्म की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि सनातन धर्म को समाप्त कर दिया जाना चाहिए. लेकिन कुछ लोग बचकानी बात करते हुए कह रहे हैं कि मैंने लोगों को नरसंहार के लिए उकसाया है. उदयनिधि ने आगे कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि द्रविड़म को समाप्त कर दिया जाना चाहिए. क्या इसका मतलब यह है कि डीएमके वर्कर्स को मार दिया जाना चाहिए? मैं अपने पुराने बयान पर कायम हूं और सनातन को समाप्त करने की मांग उठाता रहूंगा.

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.