मुंबई के एनसीबी ऑफिस से निकलीं रिया चक्रवर्ती, कल फिर होगी पूछताछ

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सुशांत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल से जांच कर रही एनसीबी की रिया चक्रवर्ती से पूछताछ और सीबीआइ की सुशांत की बहन मीतू सिंह से डीआरडीओ गेस्ट हाउस में पूछताछ खत्‍म हो गई है।

मुंबई। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल को लेकर जांच कर रही नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम रिया चक्रवर्ती से पूछताछ खत्‍म हो गई है। कल फिर उनसे पूछताछ होगी। एनसीबी के उप निदेशक अमित फक्कड़ घवाटे ने कहा कि रिया से केवल सवाल-जवाब होगा। जांच एजेंसी की टीम ने आज सुबह रिया के घर पहुंचकर समन जारी किया था। इस दौरान मुंबई पुलिस भी वहां मौजूद रही। सुशांत की बहन मीतू सिंह डीआरडीओ में पूछताछ के बाद गेस्ट हाउस से बाहर निकल गई हैं। रिया के वकील सतीश मानसिंदे ने कहा कि रिया चक्रवर्ती गिरफ्तारी के लिए तैयार है। अगर किसी से प्यार करना अपराध है तो वह सजा भुगतने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि रिया ने अग्रिम जमानत के लिए किसी भी अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया है।

एनसीबी ने मामले में शनिवार को सुशांत के निजी कर्मचारी दीपेश सावंत को गिरफ्तार किया था। उसे आज अब्दुल बासित परिहार के साथ कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे नौ सितंबर तक हिरासत में भेज दिया है। पेशी से पहले उसकी मेडिकल जांच हुई। मामले में अब तक कुल सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। एनसीबी ने कहा कि सावंत को शनिवार को रात करीब 8 बजे नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। उसका बयान पर्याप्त सबूत के आधार पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 67 के तहत दर्ज किया गया।

एनसीबी ने कहा है कि सुशांत राजपूत का घरेलू सहायक दीपेश सावंत के बयान और डिजिटल एविडेंस के आधार पर स्पष्ट है कि दीपेश ड्रग सिंडिकेट का एक सक्रि‍य सदस्‍य है। वह हाई सोसाइटी में ड्रग सप्लाइ करवाने में शामिल रहता था।

दीपेश सावंत के वकील ने कहा कि दीपेश 4 सितंबर से उनके (NCB) पास था। 24 घंटे में उसे पेश करना था। उनका कहना है कि हमने उसे पूछताछ के लिए रखा था और कल ही गिरफ्तार किया है। वो 24 घंटे से ज़्यादा उनकी कस्टडी में था, हमने अर्जी दााखिल कर दी है कोर्ट ने इस पर एनसीबी का जबाव मांगा है।

मिरांडा की तरह ड्रग्स खरीदता था सावंत

एनसीबी के अनुसार कथित तौर पर सैमुअल मिरांडा की तरह सावंत ड्रग्स खरीदता था। एजेंसी ने शुक्रवार को रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत का मैनेजर सैमुअल मिरांडा को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए सात लोगों में से तीन शौविक, मिरांडा और जैद विलात्रा एनसीबी की हिरासत में हैं।

शौविक एवं सैमुअल के पास से एनसीबी को नशीले पदार्थ की बरामदगी नहीं हुई

हालांकि, शौविक एवं सैमुअल के पास से एनसीबी को नशीले पदार्थ की बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन पहले की वाट्सएप चैट एवं ड्रग्स खरीदने में क्रेडिट कार्ड के उपयोग ने एनसीबी को उनके खिलाफ कई अहम सुबूत दे दिए हैं। एनसीबी को शौविक के लैपटॉप एवं मोबाइल से कई बॉलीवुड हस्तियों के नंबर मिलने की बात भी सामने आ रही है। भविष्य में इनकी जांच की जा सकती है। एनसीबी ने अपने रिमांड आवेदन में लिखा भी है कि वह सुशांत सिंह राजपूत मामले में ड्रग्स के कोण की जांच कर रही है। इस मामले में अब तक सामने आए कई जाने-अनजाने नामों से पूछताछ की जानी है, ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

मिरांडा कथित तौर पर शौविक के निर्देशों पर ड्रग्स की खरीदता था

जब मामले की जांच शुरू हुई तो एजेंसी ने दो लोगों अब्बास लखानी और करण अरोड़ा को कथित रूप से ड्रग पेडलिंग के लिए गिरफ्तार किया था और अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके माध्यम से वे विलात्रा और अब्दुल बासित परिहार के पास पहुंचे, जो कथित रूप से इस ड्रग्स मामले से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे। वे मिरांडा के साथ संपर्क में थे। मिरांडा कथित तौर पर शौविक के निर्देशों पर उनसे ड्रग्स की खरीदता था।

तीन केंद्रीय एजेंसियां कर रहीं जांच

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत मुंबई की मौत के मामले में तीन केंद्रीय एजेंसियां सीबीआइ, ईडी और एनसीबी जांच कर रही हैं। एनडीबी इस मामले में ड्रग एंगल की जांच एनडीपीएस एक्ट के आपराधिक धाराओं के तहत कर रही है। सुशांत 14 जून बांद्रा में अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे।

मीतू सिंह और संदीप सिंह से सीबीआइ ने की पूछताछ

सीबीआइ ने शनिवार को सुशांत की बहन मीतू सिंह और अभिनेता के कथित मित्र संदीप सिंह से करीब पांच घंटे पूछताछ की। मीतू न सिर्फ सुशांत की मौत के बाद उनके घर पहुंची परिवार की पहली सदस्य थी, बल्कि रिया के सुशांत का घर छोड़कर जाने के बाद उनके साथ चार दिन रहकर भी आई थी। मीतू बिहार पुलिस को अपना बयान दर्ज करवा चुकी है। सुशांत के कथित मित्र संदीप सिंह से सीबीआइ ने शनिवार को पहली बार पूछताछ की। सुशांत के पोस्टमार्टम एवं उसके बाद अंत्येष्टि के समय भी संदीप काफी सक्रिय रहे थे।