सोशल मीडिया में वायरल हो रही है रिंकी शर्मा की पैटीशन 

225

दिल्ली न्यूज़ 24 रिपोर्टर(अमित लाल)। कोरोना जैसी इस महामारी और लॉकडाउन के इस लंबे समय में समाजसेवी रिंकी शर्मा की पटिशन सबको मिले रोटी (#SabkoMileRoti) जहां एक तरफ की समाज के उन जरुरतमंद लोगों की आवाज बन कर गूंज रही है वहीं दूसरी तरफ उनकी पटिशन सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है। बस चंद दिनों में ही उनकी इस पटिशन को करीब 1400 लोग साइन कर चुके हैं।

कंस्यूमर वॉयस में प्रोजेक्ट मैनेजर व समाजसेवी रिंकी शर्मा ने अपनी इस पटिशन में गरीब जनता के विषय को उठाया है। उनकी पटिशन का विषय है- जब गरीब गेहूं पिसा ही नहीं पाएगा तो सरकार द्वारा बांटे गेहूं से अपना पेट कैसे भरेगा?

देश की जनता ने लॉकडाउन के इस दौर में सरकार और शासन-प्रशासन को अपना पूरा समर्थन दिया है। लॉकडाउन के इन दिनों के बाद भी आगे सरकार को देश की गरीब जनता के बारे में सोचना होगा। लॉकडाउन के कारण आम जन-जीवन तो स्थिर हो गया है पर कोई भूख को कैसे रोक सकता है? उन्होंने लोगों से अपील की है उनकी इस पटिशन को साइन करें ताकि किसी को बिना रोटी खाए ना सोना पड़ें।

कई मीडिया रिपोर्ट में आया है कि लॉकडाउन में आटा चक्की (आटा मिलों) के बंद होने के कारण लोगों के पास गेहूँ तो है पर आटा नहीं। कुछ राज्यों में आटा चक्की खुल रही हैं, लेकिन कुछ राज्यों में कई जगहों पर आटा चक्कियों के बंद होने की भी खबरे आ रही हैं। आटा चक्कियों के संचालन पर असमंजस की स्थिति है, जिससे लोगों पर बहुत बड़ा असर पड़ रहा है, उन्हें सरकारी अनाज तो मिल जा रहा है पर फिर भी वो रोटी नहीं खा पा रहे हैं।

ये समस्या बड़ी है लेकिन इसका समाधान छोटा सा है, जिसके लिए मैंने ये पेटीशन शुरू की है। अगर सरकार लॉकडाउन के दौरान आटा चक्कियों को आवश्यक सेवाओं की सूची में डाल दे और राज्यों को उन्हें खुला रखने और सुरक्षित संचालन के साफ़ निर्देश दे तो लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

रिंकी शर्मा ने अनुरोध किया है कि उनकी पेटीशन साइन करें और शेयर करें ताकि सरकार आटा चक्कियों को आवश्यक सेंवाओं में शामिल करे और सभी राज्यों को इस बाबत निर्देश जारी करे। इससे स्थानीय प्रशासन भी लोगों को सुरक्षित तरीके से आटा मुहैया कराने के लिए प्रेरित होगा। अगर ये पेटीशन सफल हुई तो करोड़ों लोगों को दो वक्त की रोटी पाने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। विशेषकर गाँवों में जहाँ आज भी लोग पैकेट वाला नहीं बल्कि पीसा हुआ आटा खाते हैं, उनके लिए बड़ी राहत हो जाएगी। आइए इस विपदा के समय हम सब मिलकर #SabkoMileRoti पटिशन का समर्थन करें।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.