कलंक कथा Episode 01 : ईमानदार केजरीवाल सरकार के Cooperative Bank में भर्ती घोटाला

पूर्व कर्मचारी ने सहकारिता मंत्री पर कार्रवाई ना करने का लगाया आरोप

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बैंक में फ्रॉड हुआ है … नरेला रिकवरी सेल में … 20 लाख रूपये का। फ्रॉड करने वाला था अस्सिस्टेंट कलेक्टर जगजीत सिंह मान …  सजा दी गयी हम तीन आदमियों को जो चपरासी की पोस्ट पर थे। हमारी क्या लेनदारी थी? …  देनदारी थी? हमने एक पैसा नहीं खाया। उलटा जगजीत मन को वीआरएस दे दी बैंक ने …  की ये मेडिकली अनफिट है। आज जगजीत मान का मेडिकल करा लें …  जगजीत मान आज भी जिन्दा है …  आज कौन सा गुजर गया? और जब हमही तीन फ्रॉड कर सकते हैं तो बैंक के अन्य अधिकारी क्या कर रहे हैं …  क्यों भर्ती करता है बैंक फिर ऑफिसर को ? ये चपरासी ही फ्रॉड कर लेंगे तो बाकियों की क्या जरुरत रह गयी बैंक में ?

नयी दिल्ली (अमित लाल)। बैंकिंग सेक्टर में घोटाले की खबरें तो रोज ही आती ही रहती हैं पर आज जो खबर हम लेकर आये हैं वह सहकारी बैंक सिस्टम से जुड़ी है। सहकारी बैंको को ग्रामीण और मिडिल क्लास जनता को लाभ पहुँचाने के लिए बनाया गया था। पर समय के साथ, सहकारी बैंक राजनीति और घोटालों की अनसुलझी पहेली बनकर रह गए। हम यहाँ बात कर रहे हैं दिल्ली राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की। इस बैंक के एक पूर्व कर्मचारी ने खुद को गलत तरीके से नौकरी से निकाले जाने का हवाला देते हुए बैंक प्रबंधन और यहाँ तक की केजरीवाल सरकार में सहकारिता मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। आइये सुनते हैं इस पूरे घोटाले की कहानी उसी पूर्व बैंक कर्मचारी की जुबानी …   

बैंक चेयरमैन पर नैफेड में करोड़ो के घोटाले का आरोप 

बर्खास्त चपरासी ललित कुमार ने दस्तावेजों के आधार पर दावा करते हुए कहा “सबसे पहले नैफेड का जिक्र करता हूँ जिसमें तक़रीबन 1680 करोड़ का घोटाला हुआ है। तक़रीबन 1680 करोड़ में लायब्लिटी इनपर डाली गयी एक पर्सेंट … बैंक के चेयरमैन बिजेंद्र सिंह पर वो है 16.023 करोड़ रूपये … वो इनको देने हैं … एक डायरेक्टर और भी है राजेंद्र सिंह जून … इनको इतने ही पैसे वापस देने हैं नैफेड को।”

बैंक में चेयरमैन और एमडी के कई रिश्तेदार भर्ती!

इसके बाद चेयरमैन और एमडी दोनों ने मिलकर अपने यहाँ रिश्तेदारों को भर्ती कर रखा है। जैसे ही इन्क्वायरी होगी आपको तुरंत पता चल जायेगा इनके कितने-कितने रिश्तेदार हैं? जैसे इन्दु बाला है … वो चेयरमैन की रिश्तेदार है। जो संगीता है … वो चेयरमैन की रिश्तेदार है। हिमांशु है … वो एमडी का रिश्तेदार है। रोहिणी है … वो एमडी की पुत्रवधु है। राजेश बाला दहिया है … वो चेयरमैन के भांजे की बहू है। उसने नरेला में फ्रॉड भी किया है।

चेयरमैन ने बैंक के पैसों को विदेशी टूर में उड़ाया!

अब तीसरे पर आ जाते हैं। बैंक के पैसों से बैंक का चेयरमैन विदेशी टूर कर रहा था … किस हैसियत से। मेरे पास आरटीआई में बैंक ने जवाब दे रखा है की बैंक का चेयरमैन थाईलैंड जाता है … बैंकॉक जाता है … किस लिए जाते हैं? क्यूंकि ये एक स्टेट कोआपरेटिव बैंक है। ये देश में जा सकते हैं … देश से बाहर नहीं जा सकते। ये ऑर्थराइज़्ड नहीं हैं।

पूर्व मैनेजर की पत्नी के खाते में 20 लाख का गबन!

उसके बाद भ्र्ष्टाचार पर आ जाओ आप। भ्र्ष्टाचार में इनके रिश्तेदार तो घोटाले करते हैं … उनको कोई सजा नहीं होती। किसी और ने जिसने कोई घोटाला किया भी नहीं है … उनको सजा जरूर दे देते हैं। नरेला में ही ले लो … इनके भांजे की बहू ने फ्रॉड कर रखा है। आज तक कोई एफआईआर नहीं हुई … राजेश बाला दहिया ने कई खातों से इन्होने अनऑर्थराइज़्ड पैसे निकाले हैं … उनमें एक आदमी ऐसा भी है जो इसी बैंक का एक्स मैनेजर भी है। उनके वाइफ के खाते से … कृष्णा खत्री के खाते से निकाला गया है। सत्यवीर खत्री जी बैंक से मैनेजर रिटायर्ड हुए हैं … उनकी पत्नी के खाते से … बैंक के अधिकारियों ने 20 लाख रूपये निकाल लिए हैं। वो दर-दर कंप्लेंट कर रहे हैं … उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा आजतक।

केजरीवाल के स्टेट कोआपरेटिव बैंक लागू नहीं आरटीआई!

आरसीएस को चिठ्ठी मैंने भी लिख रखी है। कम-से-कम 10 कंप्लेंट हैं जो आरसीएस ऑफिस में पेंडिग पड़ी हैं। खत्री जी ने आरटीआई भी लगा रखी है। आरटीआई का जवाब भी नहीं दे रहा आरसीएस ऑफिस। आरसीएस से तो क्या उम्मीद करोगे? सत्यवीर खत्री जी ने कंप्लेंट की की मेरी धर्मपत्नी के खाते से 20 लाख रूपये निकल गए। उसकी एटीआर मांगी तो वो कुछ दे ही नहीं रहे। वो तो इधर उधर की बातें करके बैंक को भेज रहे हैं … बैंक सत्यवीर जी को कह रहा है की हम सोसाइटी हैं … हम आरटीआई एक्ट में नहीं आते। जबकि, एक अप्रैल 2019 से सचेंडुलेड बैंक (Second Scheduled Bank) हो गया है। रिजर्व बैंक ने नोटिफिकेशन कर रखा है। आप इंटरनेट पर सर्च कर सकते हैं।

दोषी को वीआरएस और ईमानदार को सजा!

बैंक में फ्रॉड हुआ है … नरेला रिकवरी सेल में … 20 लाख रूपये का। फ्रॉड करने वाला था अस्सिस्टेंट कलेक्टर जगजीत सिंह मान …  सजा दी गयी हम तीन आदमियों को जो चपरासी की पोस्ट पर थे। हमारी क्या लेनदारी थी? …  देनदारी थी? हमने एक पैसा नहीं खाया। उलटा जगजीत मन को वीआरएस दे दी बैंक ने …  की ये मेडिकली अनफिट है। आज जगजीत मान का मेडिकल करा लें …  जगजीत मान आज भी जिन्दा है …  आज कौन सा गुजर गया? और जब हमही तीन फ्रॉड कर सकते हैं तो बैंक के अन्य अधिकारी क्या कर रहे हैं …  क्यों भर्ती करता है बैंक फिर ऑफिसर को ? ये चपरासी ही फ्रॉड कर लेंगे तो बाकियों की क्या जरुरत रह गयी बैंक में ?

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