RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, केंद्रीय बैंक के फैसले से झूमा शेयर बाजार

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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास मौद्रिक नीति स्टेटमेंट की घोषणा कर चुके हैं। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्तीय बाजार सुचारू तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से इकोनॉमिक रिकवरी के शुरुआती लक्षण नजर आने लगे हैं। गवर्नर ने कहा कि पर्याप्त लिक्विडिटी सुनिश्चित करने के लिए और वैश्विक अनिश्चितता से निपटने के लिए आरबीआई आने वाले समय में और कदम उठाने के लिए तैयार है। RBI के फैसले से उत्साहित सेंसेक्स में जमकर लिवाली देखी गई और यह पहली बार 45,000 के पार पहुंच गया। सुबह 10:45 बजे सेंसेक्स 365.45 अंकों की बढ़त के साथ 44,998.10 और निफ्टी 107.40 अंकों की तेजी के साथ 13,241.30 अंक पर कारोबार कर रहे थे। निफ्टी के 50 शेयरों में से 41 शेयर हरे निशान और 9 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जानिए शक्तिकांत दास की घोषणा की बड़ी बातें..


भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि वाणिज्यिक, सहकारी बैंक वित्त वर्ष 2019-20 का लाभ अपने पास बनाए रखेंगे और फिलहाल किसी तरह के लाभांश का भुगतान नहीं करेंगे।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बैंक उपयुक्त समय पर विभिन्न तरह के इंस्ट्रुमेंट्स का इस्तेमाल जारी रखेगा।
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के 6.3 फीसद और चौथी तिमाही में 5.8 फीसद पर रहने का अनुमान जताया है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा, ”महंगाई दर के ऊंची बने रहने की संभावना है। व्यापक रिकवरी में अभी समय लगेगा। हालांकि, प्रोएक्टिव सप्लाई मैनेजमेंट के लिए थोड़ी गुंजाइश बची हुई है।”
भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर में 7.5 फीसद के संकुचन का अनुमान जताया है। केंद्रीय बैंक ने इससे पहले अर्थव्यवस्था में 9.5 फीसद के संकुचन का अनुमान जताया था।
RBI ने तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर के 0.1 फीसद और चौथी तिमाही में 0.7 फीसद पर रहने का अनुमान जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में 7.5 फीसद का संकुचन देखने को मिल सकता है।
दास ने बताया कि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दर और बैंक दर 4.25 फीसद पर यथावत हैं। वहीं, रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसद पर बना हुआ है।
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि MPC ने मुद्रास्फीति को तय लक्ष्य के भीतर रखने के साथ टिकाऊ वृद्धि को रिवाइव करने और कोविड-19 के असर को कम करने के लिए मौद्रिक नीति को जरूरत के हिसाब से ‘उदार’ रखने का फैसला किया है। यह चालू वित्त वर्ष में और अगले वर्ष तक जारी रह सकता है।


मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर का स्तर 4 फीसद तय किया हुआ है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से यह 7 फीसद के करीब है। इसके लिए खाद्य उत्पादों की कीमतें सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं, जिनकी आवक कोविड-19 की वजह से प्रभावित हो रही हैं। अर्थव्यवस्था पर यस बैंक की रिपोर्ट कहती है कि आरबीआइ महंगाई दर के नए लक्ष्य तय कर सकती है।