Ram Mandir Bhumi Pujan News: मंदिर भूमि पूजन परिसर में 10:30 बजे के बाद प्रवेश नहीं, नेपाल के संत भी आमंत्रित

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अयोध्या, रामनगरी अयोध्या में पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन तथा शिला पूजन कार्यक्रम फाइनल हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ सदस्य स्वामी गोविन्ददेव गिरी तथा डॉ अनिल मिश्र ने मीडिया को संबोधित किया।

चंपत राय ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन का सारा खाका फाइनल हो गया है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर काफी सख्ती रहेगी। सभी निमंत्रण प्राप्त करने वालों को भूमि पूजन प्रांगण में 10:30 तक आ जाना अनिवार्य है। इसके बाद किसी को भी किसी भी कीमत पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सभी को प्रधानमंत्री के आगमन के दो घंटे पहले तक पहुंचना होगा। यहां पर 10.30 बजे तक ही प्रवेश होगा। चंपत राय ने बताया इसमें जिनको आमंत्रित किया गया है, उनमें से अधिकांश लोग आज देर शाम या कल सुबह तक आ जाएगा। स्वामी परमानंद महाराज आ चुके हैं। इनके साथ ही कल शाम तक सभी लोग आ जाएंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन जी भागवत सुरेश भैया जोशी और अन्य पदाधिकारी रात्रि तक आ जाएंगे।

चंपत राय ने बताया कि हमारे देश की आध्यात्मिक परंपराओं का पालन करते हुए 135 संतों को आमंत्रित किया गया है। इसमे नेपाल से भी संत आएंगे। नेपाल के जानकी मंदिर के महंत भी आएंगे। हमने संतों को बुलाया है। संत महात्मा मिलाकर करीब पौने दो सौ लोग आमंत्रित है। हमने इकबाल अंसारी को न्यौता दिया है जबकि पद्मश्री मोहम्मद शरीफ को भी आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि अनेक लोग साधुओं को दलित कहते हैं। यह बेहद निंदनीय है।

 

हमने निमंत्रण पत्र छपाया है जिस पर एक सिक्योरिटी कोड है। निमंत्रण पत्र पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, गवर्नर आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का अंकन है। कार्ड पर अंकित नंबर और नाम क्रॉस चेक होगा। आज उन कार्डों का अयोध्या में वितरण शुरू कर दिया गया है। इस परिसर में मोबाइल नहीं जाएगा। यहां पर कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं जाएगा न ही कोई कैमरा जाएगा। यहां किसी प्रकार का वाहन पास जारी नहीं किया गया है। निमंत्रितों को रंग महल बैरियर पर ही उतरना होगा। गाडिय़ों की पाॄकग अमावा मंदिर में की गई है। रंग महल के ही रास्ते कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया जाएगा। चंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम लगभग 2:00 बजे तक चलने की संभावना है।

हरे रंग को लेकर राजनीति ठीक नहीं

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि यहां पर रामलला के हरे रंग के वस्त्र को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगी है। इतने भव्य कार्यक्रम में भी लोग राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं। भगवान हरे रंग के कपड़े पहनेंगे इसको भी प्रधानमंत्री मोदी से जोड़ दिया गया है। यह विषय प्रधानमंत्री कार्यालय का नहीं है। न ही इसका मुख्यमंत्री से संबंध है और ना ही ट्रस्ट से। शायद लोगों में जानकारी का अभाव है। हरा रंग तो समृद्धि का प्रतीक है। रंग के ऊपर चर्चा करना तो चर्चा करने वाली की बुद्धि का दिवालियापन है। हरा रंग हिंदुस्तान की समृद्धि का प्रतीक है।