बिहार में रक्षा बंधन को लेकर सजा बाजार, हैंड मेड राखियों की धूम, चंद्रयान राखी के साथ इनकी बढ़ी मांग

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Raksha Bandhan 2023: बिहार के बाजारों में रक्षाबंधन को लेकर रौनक बढ़ गई है. एक से बढ़कर एक आकर्षक राखियों की जमकर खरीदारी की जा रही है. राज्य में भाई बहन का त्योहार रक्षाबंधन गुरुवार को मनाया जायेगा. रक्षाबंधन को लेकर बाजार में खरीददारी की जा रही है. इस खास त्योहार के दिन के लिए बहनें अपने भाइयों के लिए बेस्ट राखी का चयन करती हैं, ताकि त्योहार को यादगार बनाया जा सके. वैसे तो बाजार में कई तरह की राखियां हैं. लेकिन, इस बार ट्रेडिशनल हैंडमेड राखियों की डिमांड है.

मधुबनी पेंटिंग व ब्लॉक प्रिंट की राखियां बना रही लड़कियां

बहनें इस रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर ट्रेडिशनल हैंडमेड राखियां सजाने की तैयारी कर रही हैं. अभी कुछ सालों से हैंडमेड राखियों को काफी पसंद किया जा रहा है. शहर में ऐसी कई लड़कियां और महिलाएं हैं जो मधुबनी पेंटिंग, ब्लॉक प्रिंट, मिलेट, ज्वार, बाजाराा, रागी, कट्टु, रेशम और क्रोशिया की राखियां बना रही हैं. लोग इन राखियों को काफी पसंद कर रहे हैं. उनकी मानें तो इस तरह की राखियां न केवल पर्सनल टच देती है, बल्कि लोकल आर्ट एंड कल्चर को भी प्रमोट करती है. हैंडमेड राखी बनाने के लिए ऑर्डर एक महीना पहले ही दे दिया जाता है.

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में राखियां उपलब्ध

बताया जाता है कि यह साल मिलेट का है तो इस बार राखियां इसी थीम पर हैं. इस बार मिलेट, ज्वार, बाजरा, रागी और कट्टु की राखियां बनायी गई है. इन राखियों को पीएम नरेंद्र मोदी को भी भेजा गया है. एक राखी बनाने में एक घंटे का समय लग जाता है. इन राखियों की कीमत 250 रुपये से लेकर 300 रुपये हैं. इन राखियों का ऑर्डर ओडिशा, कोच्ची, केरेला, लखनउ, दिल्ली, बेंगलुरु आदि जगहों से ऑर्डर राखी से एक महीने पहले ही मिले थे. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में इनकी राखियां उपलब्ध हैं.

सोने और चांदी से बनी राखियों की डिमांड

पटना के कमदकुआं स्थित चूड़ी मार्केट थोक के सामान के लिए मशहूर है. मार्केट में दस रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक की राखियां हैं. कारोबारियों की मानें से पटना और आसपास के इलाके में राखियों का कारोबार 20 से 25 करोड़ रुपये का होता है. पिछले साल के मुकाबले इस बार राखियों की कीमत में दस से 15 फीसदी तक इजाफा हुआ है. ज्वेलरी मार्केट में सोने और चांदी से बनी राखियों की डिमांड भी काफी है. लोग चांदी की राखियां खरीदने के लिए ज्यादा रुख कर रहे हैं, क्योंकि चांदी की राखियां हर व्यक्ति के बजट में फिट होती है. मार्केंट में मोती, स्टोन, चेन, डोरेमोन और छोटा भीम की राखियों की मांग है. कार्टून वाली राखी बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनी है.

अनिसाबाद की रहने वाली एक महिला 15 सालों से क्रोशिया से राखियां बना रही है. इस बार वे बच्चों के लिए राखियां तैयार कर रही हैं, जिसमें मिक्की, मिनी, टॉफी, खरगोश, गाड़ी आदि के आकार शामिल हैं. एक दिन में वह दो-तीन राखियां तैयार करती हैं. एक महीने पहले से वह क्रोशिया से राखियां बनाना शुरू कर देती हैं. इस बार उन्हें दिल्ली, बेंगलुरु से ज्यादा ऑर्डर मिले हैं, जिन्हें उन्होंने समय स पूरा कर लिया है. इन राखियों की कीमत 35 रुपये से लेकर 150 रुपये हैं.

टेडी बियर और चॉकलेट राखी बहनों को कर रही आकर्षित

राखियों में ब्लॉक प्रिंट के साथ बीड्स और रेशम के धागे का इस्तेमाल बनाने के दौरान किया जाता है. इन राखियों की कीमत 50-150 रुपये है. एक दिन में 25 राखियां एक महिला बना लेती है. इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में ऑर्डर मिले हैं, जिनकी डिलिवरी लगभग पूरी हो चुकी है. दानापुर की रहने वाली कारीगर बताती हैं कि मधुबनी पेंटिंग में राखी बनाना मेहनत से भरा होता है. लगातार घंटों की मेहनत के बाद राखी बन कर तैयार होती हैं. अभी फिलहाल राखियां ऑर्डर मिलने पर ही बनायी जाती है. 20 सालों से इन राखियों को बना रही हूं. इस बार ऑर्डर पर 1000 राखियां बनायी है. इन राखियों की कीमत 35 रुपये से लेकर 500 रुपये हैं. इस बार की राखियों में मौली और रेशम के धागे का इस्तेमाल किया जा रहा है.

राखी बेचने वाले दुकानदार बताते है कि दिल्ली में बनी जरकिन और मेटल की राखियों की डिमांड अधिक है. वहीं, रुद्राक्ष राखी का रंग भी अलग है. राखी कारोबारी बताते हैं कि इस वक्त बाजार में राखियों का नया स्टॉक आया है, लेकिन कई लोग चंद्रयान की राखी मांग रहे हैं, लेकिन बाजार में अभी इसका स्टॉक नहीं आया है. मार्केट में बच्चों के लिए उपहार युक्त टेडी बियर और चॉकलेट लगी राखियां भी विशेष डिजाइन में आयी हैं, जो बहनों को आकर्षित कर रही हैं.

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