राजस्थान: ‘अपने मंत्रियों को कंट्रोल में रखें अशोक गहलोत’, जानें कांग्रेस प्रभारी को क्यों कहनी पड़ी ये बात

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Rajasthan Congress Crisis : राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले कांग्रेस पार्टी के अंदर बयानबाजी का दौर जारी है जिसपर राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने चिंता व्यक्त की है. उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अपने मंत्रियों को एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने से रोकने को कहा है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अपने मंत्रियों को नियंत्रित करना मुख्यमंत्री का काम है. मैं पार्टी संगठन स्तर पर इस मामले को देखने का करूंगा.

कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की उक्त टिप्पणी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकास कार्यों में जयपुर के पिछड़ने के लिए जयपुर के स्थानीय विधायकों और मंत्रियों को जिम्मेदार ठहराने वाले बयान के लिए शहरी एवं विकास (यूडीएच) मंत्री शांति धारीवाल की आलोचना करने के बाद आयी है.

क्या कहा रंधावा ने

कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कहा है कि आप अपने मंत्रियों को बुलाकर समझाएं और उन्‍हें कंट्रोल (नियंत्रित) करने का काम करें. पार्टी स्‍तर पर मैं मामले को देखूंगा. उन्होंने कहा कि जहां तक सरकार और मंत्रियों के एक-दूसरे के खिलाफ बयान देने का सवाल है, यह मुख्यमंत्री का काम है कि इसे देखें..मंत्रियों की जिम्मेदारी सरकार और संगठन को मजबूत करने की है, न कि एक-दूसरे के खिलाफ बयान देकर माहौल खराब करने की.

जयपुर से छह विधायक और तीन मंत्री

यहां चर्चा कर दें कि धारीवाला ने पिछले दिनों उदयपुर में एक कार्यक्रम में कहा था कि जयपुर से छह विधायक और तीन मंत्री हैं और उनके और उनके आपसी विवाद के कारण विकास कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है. धारीवाल ने कहा था कि स्मार्ट सिटी मिशन राजस्थान के चार शहरों कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर में शुरू किया गया था, लेकिन जयपुर में कुछ परेशानी देखने को मिल रही है. स्थानीय विधायकों और मंत्रियों के आपसी विवाद के कारण काम की गति धीमी से चल रही है, जिससे काम प्रभावित होता दिख रहा है.

खाचरियावास ने मामले को लेकर पलटवार किया

जयपुर की सिविल लाइंस सीट से विधायक खाचरियावास ने मामले को लेकर पलटवार किया और कहा कि धारीवाल को अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए. खाचरियावास ने कहा कि धारीवाल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ‘क्या कटारिया उनके नेता हैं और यदि ऐसा है तो क्या वह (धारीवाल) भाजपा कार्यकर्ता हैं. धारीवाल जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं वो किसी कांग्रेस कार्यकर्ता की नहीं हो सकती.

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