POCSO के तहत तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान बृजभूषण सिंह पर लागू नहीं? सरकार पर कपिल सिब्बल का बड़ा कटाक्ष

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राज्यसभा के सदस्य कपिल सिब्बल ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. सिब्बल ने सरकार की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) कानून और इसके तहत तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान सिंह पर इसलिए लागू नहीं होता क्योंकि वो भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं.गौरतलब है कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कई पहलवान विरोध प्रदर्शन कर रहे है.

क्या यही नया भारत है- कपिल सिब्बल

पहलवानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर पूर्व कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब पहलवान गंगा नदी में अपने पदक बहाने को तैयार हैं. सिब्बल ने इस मामले में ट्वीट कर कहा है कि क्या पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने और 164 बयान दर्ज किए जाने के बाद तत्काल गिरफ्तारी बृजभूषण शरण सिंह के अलावा सभी आरोपियों पर लागू होती है, क्योंकि वह बीजेपी से ताल्लुक रखते हैं. सिब्बल ने कहा कि प्रतिष्ठित महिला पहलवान कोई मायने नहीं रखतीं. उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपके लिए क्या सिर्फ वोट मायने रखता है.क्या यही मेरा नया भारत है?

गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सबूत नहीं

इधर दिल्ली पुलिस के शीर्ष सूत्र के मुताबिक, प्राथमिकी में जोड़े गए पोक्सो (POCSO) की धाराओं में सात साल से कम का कारावास है, इसलिए जांच अधिकारी आरोपी की मांग के अनुसार गिरफ्तारी के लिए आगे नहीं बढ़ सकता है. न तो वह गवाह को प्रभावित कर रहा है और न ही सबूत नष्ट कर रहा है. पुलिस के मुताबिक अब तक बृजभूषण सिंह को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं. 15 दिनों के भीतर हम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल करेंगे. यह चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट के रूप में हो सकता है. पहलवानों के दावे को साबित करने के लिए कोई सहायक सबूत नहीं है.

पदक को गंगा नदी में बहाने की पहलवानों ने दी धमकी

बता दें, बृजभूषण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने बीते दिन धमकी देते हुए कहा कि न्याय नहीं मिलने की आस में अब वो अपना पदक गंगा नदी में बहाने को मजबूर है. ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता विनेश फोगाट बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने के विरोध में हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पहुंचे थे. हालांकि किसान नेताओं के समझाने-बुझाने के बाद उन्होंने ऐसा नहीं किया.किसान संगठनों ने उनकी समस्याओं को हल करने के लिए पांच दिन का समय मांगा है.

भाषा इनपुट के साथ

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