अबू धाबी में हिंदू मंदिर बनाने में मदद के लिए आभार, UAE के राष्ट्रपति से बोले पीएम नरेंद्र मोदी

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PM Modi In UAE : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी में एक हिंदू मंदिर के निर्माण के लिए जमीन देने में सहयोग के लिए संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का मंगलवार को शुक्रिया अदा किया और कहा कि यह भारत के प्रति उनकी आत्मीयता को दर्शाता है. पीएम मोदी बुधवार को बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) मंदिर का उद्घाटन करेंगे, जो अबू धाबी में पत्थरों से बना पहला हिंदू मंदिर होगा.

मंदिर का निर्माण करीब 27 एकड़ क्षेत्र में हुआ

पीएम मोदी मंगलवार को यहां पहुंचे और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया. प्रधानमंत्री मोदी के यूएई पहुंचते ही दोनों नेताओं ने व्यापक वार्ता की. वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने उद्घाटन वक्तव्य में कहा कि अबू धाबी में बीएपीएस मंदिर भारत के प्रति राष्ट्रपति की आत्मीयता और यूएई के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनके दृष्टिकोण का उदाहरण है. दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल रहबा के पास अबू मुरीखाह में स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर का निर्माण करीब 27 एकड़ क्षेत्र में हुआ है और निर्माण कार्य 2019 से जारी है.

मंदिर के लिए भूमि यूएई सरकार ने दी थी दान

मंदिर के लिए भूमि यूएई सरकार ने दान दी थी. उन्होंने कहा, ‘‘बीएपीएस मंदिर का निर्माण आपके सहयोग के बिना संभव नहीं होता.’’ पीएम मोदी ने याद किया कि राष्ट्रपति शेख मोहम्मद के साथ उनकी पहली मुलाकात में उन्होंने केवल मंदिर के लिए भूमि की बात की थी और उन्होंने किस तरह तत्काल प्रतिक्रिया दी. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘इस तरह का विश्वास और प्रेम अपने आप में हमारे विशिष्ट संबंध की मजबूती को प्रदर्शित करता है.’’

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के तीन सप्ताह बाद बीएपीएस मंदिर का उद्घाटन

अयोध्या में गत 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के तीन सप्ताह बाद बीएपीएस मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा. यूएई में तीन अन्य हिंदू मंदिर हैं, जो दुबई में हैं. बीएपीएस मंदिर खाड़ी क्षेत्र का सबसे बड़ा मंदिर होगा. दोनों देशों के बीच प्राचीन सामुदायिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए मोदी ने अरबी में भी कुछ पंक्तियां बोली और बाद में उनका अनुवाद करते हुए कहा कि भारत और यूएई दोनों किस तरह ‘वक्त की कलम’ के साथ ‘दुनिया की किताब’ में बेहतर भविष्य की पटकथा लिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि इनमें से अनेक अरबी शब्द भारत में आमतौर पर बोले जाते हैं.

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