मोदीमय हुआ झाबुआ! बोले प्रधानमंत्री- मोदी यहां लोकसभा चुनाव के लिए नहीं आया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के झाबुआ में 7,500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी नजर आए. इस अवसर पर पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित किया और कहा- यहां आने वाले सभी लोगों को आदरपूर्वक नमन करता हूं. झाबुआ जितना मध्य प्रदेश से जुड़ा है, उतना ही गुजरात से भी जुड़ा है. केवल सीमा ही नहीं जुड़ी है दोनों प्रदेशों के दिल भी जुड़े हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार की वजह से आज विकास के कई कार्यक्रम देखने को मिले. उन्होंने कहा कि मोदी यहां लोकसभा चुनाव के लिए नहीं आया है. जनता पहले ही बता चुकी है कि उनके मन में क्या है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता देकर जनता ने सबकुछ पहले ही बता दिया है.

अबकी बार 400 पार : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में जनजातीय रैली में कहा कि मैं झाबुआ में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने नहीं, बल्कि आपका ‘सेवक’ बनकर आया हूं. हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार मध्य प्रदेश में दोगुनी गति से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि यहां तक कि संसद में विपक्षी नेता भी अब एनडीए के लिए “अबकी बार 400 पार” कह रहे हैं.

क्या रहा खास

  • सांसद समीर उरांव (अनुसूचित जनजाति मोर्चा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ) ने पीएम मोदी को एक खास तरह का जैकेट पहनाया.

  • वनवासी राम का मोमेंटो पीएम मोदी को दिया गया.

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीएम मोदी को तीर-धनुष भेंट किया.

झाबुआ में सभा को संबोधित करते हुए समीर उरांव ने कहा कि यदि जनजातियों को किसी ने सम्मान दिया है तो वो मोदी सरकार ने दिया है. राष्ट्रपति के पद पर एक महिला आदिवासी बैठीं हैं, यह बीजेपी की सरकार में संभव हो पाया है. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि बीजेपी ने जनजाति समाज को सम्मान दिया. कांग्रेस के शासनकाल में ऐसा नहीं देखा गया था. हमें सम्मान मिल रहा है जिसके लिए मैं मोदी सरकार को धन्यवाद देता हूं.

मध्य प्रदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश की आहार अनुदान योजना के तहत लगभग दो लाख महिला लाभार्थियों को मासिक किस्त दिया. इस योजना के तहत विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को पौष्टिक भोजन के लिए 1,500 रुपये प्रति माह सरकार उपलब्ध करवाती है. प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत 1.75 लाख ‘अधिकार अभिलेख’ (भूमि अधिकारों का रिकॉर्ड) भी वितरित किया गया. प्रधानमंत्री ने टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय की आधारशिला भी रखी, जो प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों के युवाओं को सुविधाएं प्रदान करने का काम करेगा. 170 करोड़ रुपये की लागत से विश्वविद्यालय को विकसित किया जाएगा.

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