पीएम मोदी की अगुआई के लिए बेंगलुरु एयरपोर्ट नहीं पहुंचे कर्नाटक के सीएम और राज्यपाल, प्रधानमंत्री ने बताई वजह

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस देशों की यात्रा समाप्त कर भारत लौट गये हैं. पीएम मोदी ग्रीस से सीधे बेंगलुरु पहुंचे और चंद्रयान-3 की सफलता के लिए इसरो के वैज्ञानिकों मिलकर बधाई दी. जब पीएम मोदी सुबह बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए न तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहुंचे और न ही राज्यपाल. हालांकि प्रधानमंत्री ने इसकी वजह भी बताई.

राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डा नहीं आने का किया था अनुरोध : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने कर्नाटक के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डा नहीं आने का अनुरोध किया था, क्योंकि उनके आगमन का समय निर्धारित नहीं था और वह नहीं चाहते थे कि उन्हें सुबह इतनी जल्दी आने का कष्ट उठाना पड़े. प्रधानमंत्री यूनान की राजधानी एथेंस से सुबह करीब छह बजे सीधे बेंगलुरु पहुंचे, ताकि वह चंद्रयान-3 मिशन में शामिल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों से मिल सकें.

एयरपोर्ट में पीएम मोदी ने लोगों को किया संबोधित

मोदी ने एचएएल (हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) हवाई अड्डे के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह बहुत दूर (एथेंस) से आ रहे हैं और उन्हें यह नहीं पता था कि वह किस समय यहां पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डा आने का कष्ट नहीं करने को कहा था, क्योंकि वह इसरो के वैज्ञानिकों को धन्यवाद देने के तुरंत बाद लौट जाएंगे. मोदी ने कहा, इसलिए, मैंने उनसे अनुरोध किया था कि जब मैं औपचारिक दौरा करूं, तो वे निश्चित ही प्रोटोकॉल का पालन करें. उन्होंने सहयोग किया और मैं उनका शुक्रगुजार एवं आभारी हूं.

कांग्रेस ने लगाया आरोप, सिद्धारमैया और शिवकुमार को एयरपोर्ट आने से रोका गया

इसरो के वैज्ञानिकों से मुलाकात के लिए मोदी के बेंगलुरु आने से पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने सिद्धरमैया और शिवकुमार को एचएएल हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए आने से कथित रूप से रोका. रमेश ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री इस बात को लेकर सिद्धरमैया और शिवकुमार से चिढ़ गए कि उनसे पहले उन दोनों ने इसरो के वैज्ञानिकों को सम्मानित किया. रमेश ने मोदी पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को रोककर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया था.

सिद्धरमैया ने इसरो की टीम को दी थी बधाई

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इसरो के ‘टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क’ (आईएसटीआरएसी) गुरुवार को दौरा किया था और चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के लिए इसरो प्रमुख एस सोमनाथ और उनकी टीम को बधाई दी थी. उन्होंने चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ को ऐतिहासिक उपलब्धि करार देते हुए कहा था कि राज्य सरकार इसके लिए इसरो की टीम को आधिकारिक तौर पर सम्मानित करने के वास्ते एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी.

इसरो की टीम को सम्मानित करेगी कर्नाटक सरकार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा था, सरकार विधान सौध के सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करके इसरो के अध्यक्ष (एस) सोमनाथ और उनकी टीम को आधिकारिक तौर पर सम्मानित करेगी. कर्नाटक के लगभग 500 वैज्ञानिक इस मिशन का हिस्सा थे.

23 अगस्त को चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से भारत ने रचा इतिहास

इसरो ने बुधवार 23 अगस्त को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस लैंडर मॉड्यूल की ‘सॉफ्ट लैंडिग’ कराने में कामयाबी हासिल की थी। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर यान ने चांद की सतह को छुआ था. इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का पहला देश तथा चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया था.

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