पीएम मोदी ने दिल्ली के लोगों से आखिर क्यों मांगी माफी? जानें क्या कहा

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जी-20 सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है. इसको लेकर राजधानी दिल्ली में तैयारी चल रही है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्लीवासियों से शनिवार को अपील की कि अगले महीने यहां जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन के कारण कई देशों के नेताओं की मौजूदगी की वजह से हो सकने वाली असुविधा के बावजूद वे इस आयोजन को सफल बनाने में मदद करें. आपको बता दें कि शिखर सम्मेलन का आयोजन दिल्ली में नौ और 10 सितंबर को किया जाएगा. इसमें यूरोपीय संघ और आमंत्रित अतिथि देशों के 30 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष एवं शीर्ष अधिकारियों और 14 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के भाग लेने की संभावना है.

पीएम मोदी दो देशों की यात्रा के बाद शनिवार को दिल्ली लौटे, जहां हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए भीड़ पहुंची. भीड़ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के प्रबंध के कारण लोगों को हो सकने वाली असुविधा के लिए उनसे पहले से ही माफी मांगी. प्रधानमंत्री दक्षिण अफ्रीका और यूनान की यात्रा के बाद सीधे बेंगलुरु पहुंचे थे, जहां उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों को बधाई दी.

बोले पीएम मोदी-मैं पहले से माफी मांगता हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरा देश जी-20 शिखर सम्मेलन का मेजबान है, लेकिन मेहमान दिल्ली में आ रहे हैं. दिल्लीवासियों पर इस जी-20 शिखर सम्मेलन को सफल बनाने की खास जिम्मेदारी है. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश की प्रतिष्ठा पर तनिक भी आंच न आए. उन्होंने स्वीकार किया कि दिल्लीवासियों को यातायात नियमों में बदलाव के कारण असुविधा झेलनी पड़ सकती है. उन्होंने कहा कि पांच सितंबर से 15 सितंबर तक बहुत असुविधा होगी और उसके लिए मैं पहले से माफी मांगता हूं. वे हमारे मेहमान हैं. यातायात नियम बदल जाएंगे. आपको कई जगहों पर जाने से रोका जाएगा लेकिन कुछ चीजें जरूरी हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि जी-20 में दिल्लीवासियों की बड़ी जिम्मेदारी है. यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है कि देश का तिरंगा शान से ऊंचा लहराता रहे.

चिकित्सा की आपात स्थिति से निपटेंगे डॉक्टरों के 80 दल व 130 एम्बुलेंस

दिल्ली में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान चिकित्सा से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 130 एम्बुलेंस और 80 डॉक्टरों के दल को तैनात किया गया है. इस संबंध में राजनिवास के अधिकारियों ने बताया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा, 9-10 सितंबर को होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से अगले सात दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं.

उपराज्यपाल को सूचित किया गया कि पालम तकनीकी क्षेत्र, होटलों और शिखर सम्मेलन स्थल से शुरू होने वाली विभिन्न सड़कों और मार्गों पर सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी देशों के झंडे और जी-20 का लोगो लगाने के लिए काम शुरू हो चुका है. इस काम के लिए अठारह स्थानों की पहचान की गयी है और इसमें और दो जगह जोड़े जाने की संभावना है। 43 जगह झंडे लगाए जाने हैं. कुल 66 दमकल गाड़ियों को सम्मेलन स्थल प्रगति मैदान और तय होटलों के पास तैयार रखा जाएगा. अगले सप्ताह तक सड़कों और मार्गों पर सभी साइन बोर्ड लग जाएंगे. पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी है. यही नहीं अधिकारियों ने उपराज्यपाल को बताया कि सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं और कुत्तों से भी उचित तरीके से निपटा जाएगा और पुलिस तथा स्थानीय निकाय इस काम को कर रहे हैं.

भाषा इनपुट के साथ

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