Petrol-Diesel Price: नोएडा में महंगा-पटना में लुढ़का पेट्रोल-डीजल का दाम, जानें आपके शहर में क्या है आज का रेट

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Petrol-Diesel Price Today: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी राहत देखने को मिली है. भारतीय समय से सुबह 6 बजे के करीब WTI क्रूड 0.60 फीसदी घटकर 88.29 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. जबकि, ब्रेंट क्रू़ड भी 0.60 फीसदी की फिसलकर 901.7 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था. इस बीच मंगलवार की सुबह भारतीय तेल वितरक कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर दिये हैं. आमलोगों के लिए अच्छी बात ये है कि राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब एक साल से कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, इसके बाद भी, आज कुछ शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उठा-पटक हुए हैं. हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी देखने को मिली. जबकि, बिहार, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर के दर से बिक रहा है. कोलकाता में पेट्रोल 106.03 और डीजल 92.76 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये जबकि, डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. चेन्नई में पेट्रोल-डीजल की कीमत स्थिर है. यहां पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.

अन्य शहरों में कीमत

शहर पेट्रोल(रुपये/लीटर) डीजल(रुपये/लीटर)

नोएडा 96.94 90.11

गुरुग्राम 96.76 89.64

बेंगलुरु 101.94 87.89

चंडीगढ़ 96.20 84.26

हैदराबाद 109.66 97.82

जयपुर 109.31 94.47

लखनऊ 96.56 89.75

पटना 107.24 94.04

डीजल की बिक्री सितंबर में तीन प्रतिशत घटी, पेट्रोल की मांग 5.4 प्रतिशत बढ़ी

कमजोर मांग और देश के कुछ हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियां सुस्त पड़ने से डीजल की बिक्री सितंबर में तीन प्रतिशत घटी है. सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों के शुरुआती आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. सितंबर में सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों.. पेट्रोलियम कंपनियों की डीजल बिक्री घटी है. हालांकि, पेट्रोल की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है. देश में सबसे ज्यादा खपत वाले ईंधन डीजल की बिक्री सितंबर में घटकर 58.1 लाख टन रह गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 59.9 लाख टन थी. सितंबर के पहले पखवाड़े में डीजल की मांग में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि बारिश कम होने से दूसरे पखवाड़े में डीजल की मांग बढ़ी. मासिक आधार पर डीजल की बिक्री ढाई प्रतिशत अधिक रही है. अगस्त में डीजल की बिक्री 56.7 लाख टन रही थी. आमतौर पर मानसून के दौरान डीजल की बिक्री घट जाती है, क्योंकि बारिश के कारण कृषि क्षेत्र की मांग कम रहती है. कृषि क्षेत्र में सिंचाई, कटाई और परिवहन के लिए ईंधन के रूप में डीजल का इस्तेमाल होता है. अप्रैल और मई में डीजल की खपत क्रमशः 6.7 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत बढ़ी थी, क्योंकि उस समय कृषि क्षेत्र की मांग अच्छी रही थी. इसके अलावा गर्मियों की वजह से कारों में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल बढ़ा था.

पिछले साल से 5.4 प्रतिशत बढ़ी पेट्रोल की मांग

आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में पेट्रोल की बिक्री पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 5.4 प्रतिशत बढ़कर 28 लाख टन हो गई. अगस्त में पेट्रोल की मांग में वृद्धि लगभग स्थिर रही है. सितंबर में मासिक आधार पर पेट्रोल की मांग 5.6 प्रतिशत बढ़ी है. उद्योग सूत्रों का कहना है कि स्थिर और स्वस्थ आर्थिक गतिविधियों और हवाई यात्रा में सुधार के साथ साल के शेष महीनों में देश में तेल की मांग ऊंची बनी रहेगी. सितंबर में पेट्रोल की खपत कोविड-प्रभावित सितंबर, 2021 की तुलना में 19.3 प्रतिशत अधिक रही और महामारी-पूर्व की अवधि यानी सितंबर, 2019 की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक रही. डीजल की खपत सितंबर, 2021 की तुलना में 19 प्रतिशत और सितंबर, 2019 की तुलना में 11.5 प्रतिशत अधिक रही.

कैसे चेक करें अपने शहर का फ्यूल रेट

मैसेज के जरिए अपने शहर का फ्यूल रेट जानने के लिए बीपीसीएल (BPCL) के ग्राहक RSP लिखकर 9224992249 नंबर पर मैसेज भेजना होगा. वहीं HPCL के ग्राहकों को दाम पता करने के लिए HPPRICE लिखकर 9222201122 पर मैसेज करें. इंडियन ऑयल के ग्राहक RSP लिखकर 9224992249 नंबर पर मैसेज कर सकते हैं.

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम कैसे तय होते हैं

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम सरकार द्वारा तय होते हैं और यह एक डायनामिक प्रक्रिया है जो विभिन्न कारगर कारकों पर निर्भर करती है. यहां कुछ मुख्य कारक हैं जो इस प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं:

  • आंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य (International Market Prices): भारत उपयोगकर्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल के विश्वासपूर्वक संग्रहित वितरण नेटवर्क नहीं है. इसलिए, विश्व बाजार में पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में उत्तराधिकार खत्म होने के बावजूद, भारत अंत में मात्रा और वितरण में परिभाषित है.

  • कर और शुल्क (Taxes and Duties): पेट्रोल और डीजल के मूल्यों को निर्धारित करने में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लागू किए जाने वाले कर और शुल्क शामिल होते हैं. यह आमतौर पर विभिन्न अद्यावधिक निर्णयों के आधार पर बदल सकते हैं.

  • राज्य सरकारों का योगदान (State Government Contribution): राज्य सरकारें भी पेट्रोल और डीजल के दामों को नियंत्रित करने के लिए अपने योगदान को शामिल कर सकती हैं. वे अपने राज्य में विभिन्न शुल्क और करों को लागू कर सकते हैं.

  • मुद्रा की मांग और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति (Demand for Currency and Supply of Petroleum Products): पेट्रोलियम उत्पादों की मांग और उनकी आपूर्ति के बीच संतुलन भी मूल्यों को प्रभावित कर सकते हैं. यदि उत्पादों की मांग अधिक है और आपूर्ति कम है, तो मूल्यों में वृद्धि हो सकती है. उत्पादों की मांग कम है और आपूर्ति अधिक है, तो मूल्यों में कमी हो सकती है.

  • निर्यात और आयात की घटनाएं (Export and Import Events): विभिन्न निर्यात और आयात की घटनाएं भी पेट्रोल और डीजल के मूल्यों को प्रभावित कर सकती हैं. ये घटनाएं विभिन्न देशों और उत्पादकों के बीच होती हैं और मूल्यों पर प्रभाव डालती हैं.

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