मणिपुर मामले में सरकार के खिलाफ तना विपक्ष, अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी

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No Confidence Motion: मणिपुर मामले पर संसद में लगातार हंगामा हो रहा है. हिंसा की घटना को लेकर सदन की कार्यवाही नहीं चल पा रही है. सत्ता पक्ष हिंसा मामले में सदन में विपक्ष से बहस करने को तैयार है. लेकिन विपक्षी पार्टियां इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में बयान देने की मांग पर अड़ी हैं. इस बीच विपक्षी पार्टियों ने यह फैसला किया है कि मणिपुर मामले को लेकर लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. विपक्ष सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. सूत्रों को मुताबिक विपक्ष की कुछ पार्टियां लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकती हैं.

मणिपुर हिंसा मामले में सदन में हंगामा जारी
बता मणिपुर हिंसा मामले में सदन के दोनों सदनों में लगातार हंगामा हो रहा है.वहीं, मानसून सत्र शुरू होने के एक दिन पहले मणिपुर में 4 मई को महिलाओं को घुमाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीति और करमा गई है. गौरतलब है कि 20 जुलाई को सत्र शुरू होने से पहले संसद के बाहर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मणिपुर की घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषियों की कड़ी सजा दिलाने की बात कही थी. लेकिन विपक्ष इतने भर से संतुष्ट नहीं है. विपक्ष का कहना है कि पीएम मोदी इस मामले में सदन के अंदर बयान दें.

मणिपुर हिंसा मामले में मंगलवार को भी सदन खुलने के साथ ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया. विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते रहे, जिसके बाद सदन स्थगित हो गया. वहीं, इस मामले पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि विपक्ष संसद में मणिपुर मामले पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं. अपने नाम में I.N.D.I.A का इस्तेमाल करके उन्होंने दिखाया है कि यूपीए और कांग्रेस जैसे नामों के प्रति उनकी नापसंदगी है. वहीं, AAP सांसद संजय सिंह के निलंबन पर तिवारी ने कहा कि संजय सिंह उच्च सदन में पहुंच गए हैं लेकिन उनका व्यवहार सड़क का लफंगा जैसा है. उन्हें संसद के अंदर नियमों का पालन करना चाहिए. वहीं, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि विपक्ष और कांग्रेस मणिपुर मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहते. वे हंगामा करते हैं और संसद चलाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.

सदन में पीएम मोदी के बयान को लेकर अड़ी विपक्ष के रवैये पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि हमें अपने पीएम पर गर्व है. हम 2024 में सत्ता में वापस आ रहे हैं. पीएम मोदी ने बयान दिया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना एक विदेशी नागरिक ने की थी. आज लोग इंडियन मुजाहिदीन और इंडियन पीपुल्स फ्रंट जैसे नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं. अंकित मूल्य पर कुछ भी उस चीज से अलग हो सकता है जो वास्तव में सच है.

इधर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में कहा कि सरकार राजस्थान और छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अत्याचार के 177 नोटिसों पर चर्चा के लिए तैयार है. पूरे देश में, अगर महिलाओं के खिलाफ कोई अपराध है, तो सरकार चर्चा के लिए तैयार है. हमें इन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए.

इधर, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मानसून सत्र को लेकर कहा है कि कहा कि हमारी दो मांगें हैं. उन्होंने कहा कि हमारी पहली मांग है कि पीएम मोदी दोनों सदनों में बयान दें और दूसरा विपक्षी गठबंधन I-N-D-I-A की ओर से दिए गए काम रोको प्रस्ताव नोटिस पर चर्चा करें. मणिपुर की त्रासदी सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं है, यह एक राष्ट्रीय त्रासदी है.

विपक्षी दलों ने की बैठक
गौरतलब है कि विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (I-N-D-I-A) के घटक दलों ने संसद के मौजूदा मानसून सत्र में सरकार को घेरने की आगे की रणनीति पर आज यानी मंगलवार को चर्चा की. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में हुई इस बैठक में खरगे के अलावा आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा, द्रविड़ मुनेत्र कषगम केटीआर बालू, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा समेत कई अन्य नेता शामिल हुए. विपक्षी दल मानसून सत्र के पहले दिन से ही मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद के भीतर वक्तव्य देने और विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं. इस मुद्दे पर हंगामे के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले तीन दिन दोनों सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई थी.

चर्चा के लिए सत्ता पक्ष तैयार- अमित शाह
मणिपुर के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिन यानी सोमवार को लोकसभा में कहा था कि सरकार इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए सत्ता पक्ष तैयार है और विपक्ष से आग्रह है कि वह चर्चा होने दे और सच्चाई सामने आने दे. मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो के सामने आने के बाद राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में तनाव कायम हो गया है.

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