अब घर बैठे दादा देव अस्पताल में इलाज के लिए ले सकेंगे अप्वाइमेंट, सीएम ने किया शुभारंभ

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नई दिल्ली  डाबड़ी स्थित दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में मरीजों व तीमारदारों को ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए घंटो कतार में खड़े रहने की समस्या से अब राहत मिल गई है। सोमवार को विडियो कॉफ्रेंसिंग की मदद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोबाइल एप, वेबसाइट व फोन के माध्यम से घर बैठे ओपीडी में रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा दिल्ली के अन्य अस्पतालों में दी जाएगी, जिससे कि इसका ज्यादा से ज्यादा मरीज लाभ उठा सकें। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, प्रधान सचिव स्वास्थ्य विक्रम देव दत्त व स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंघला मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार को सर्वप्रथम इस सुविधा को शुरू करने को लेकर बधाई दी और कहा कि दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय दिल्ली का पहला सरकारी अस्पताल है जहां इस सुविधा को शुरू किया गया है। ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर चिकित्सीय परामर्श तक गर्भवती महिलाओं को घंटों तक अस्पताल में रहना पड़ता है। इस कारण अस्पताल में भीड़ रहती है। कोरोना महामारी के दौरान अस्पताल परिसर में भीड़भाड़ से संक्रमण फैल सकता है। दूसरा, गर्भवती महिला कतार में घंटो खड़ी रहें ये किसी भी सूरत में सही नहीं है।

ऐसे में मुझे पूरी उम्मीद है कि न सिर्फ अभी के लिए बल्कि कोरोना महामारी के बाद भी घर बैठे ओपीडी में रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन सुविधा काफी लाभदायक साबित होगी। ओपीडी में रजिस्ट्रेशन के लिए अस्पताल प्रशासन ने “ओपीडी रजिस्ट्रेशन श्री दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय’ नामक एप विकसित की है। इसमें कई विशेषताएं है। दिल्ली सरकार अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली के तहत दिल्ली के समस्त अस्पताल, अतिविशिष्ट अस्पताल, बहुविशिष्ट अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, पाॅलीक्लीनिक व मोहल्ला क्लीनिक को जोड़ने की दिशा में काम चल रहा है। जिसमें इस मोबाइल एप की कुछ विशेषताओं का प्रयोग किया जाएगा।

एक बेड पर दो गर्भवती महिलाओं को रखना मजबूरी

कार्यक्रम के दौरान डॉ. बृजेश ने मुख्यमंत्री से कहा कि अस्पताल में बेड का अभाव होने के कारण एक बेड पर दो-दो महिलाओं को रखना अस्पताल प्रशासन की सबसे बड़ी मजबूरी है। कोरोना महामारी के दौर में अस्पताल में चार गुना अधिक शिशुओं का जन्म हुआ है। अत्यधिक दवाब के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने का पूरा प्रयास किया है। दिल्ली में जन्म लेने वाले शिशुओं में से प्रत्येक तीसरा शिशु दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में जन्म लेता है।

अस्पताल क्षेत्र की 17 स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है, जहां से रेफर होकर गर्भवती महिलाएं अस्पताल में इलाज के लिए आती है। इसके अलावा कई गर्भवती महिलाएं प्रसूति के समय अस्पताल पहुंचती है। इस पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की और कहा कि अस्पताल में फिलहाल 106 बेड है। जनवरी में अस्पताल के विस्तार कार्य का शुभारंभ हो चुका है। विस्तार कार्य पूरा होने के बाद अस्पताल में बेड की संख्या बढ़कर 281 हो जाएगी। कोरोना महामारी के दौरान विस्तार कार्य कुछ समय के लिए थम गया था, लेकिन एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगा है। आने वाले समय में इस समस्या का समाधान हो जाएगा।