दिल्ली राज्य सहकारी बैंक चेयरमैन और एमडी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

वकील क्षितिज महिपाल ने बताया की अब पुलिस को इन्हें गिरफ्तार करके अगली सुनवाई में कोर्ट के सामने हाजिर करना होगा।

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बैंक चेयरमैन बिजेंद्र सिंह नैफेड समेत कई सहकारी संगठनों के भी कर्ता धर्ता हैं। साथ ही दिल्ली की नांगलोई विधानसभा क्षेत्र से दो दो बार कांग्रेस के विधायक रहे हैं और इनका बेटा मनदीप शौक़ीन वर्तमान में कांग्रेस की टिकट पर निगम पार्षद भी है।

नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट ने दिल्ली राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन बिजेंद्र सिंह और एमडी अनीता रावत के खिलाफ 20 लाख के गबन मामले में गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। जिसके बाद बैंक चेयरमैन और एमडी पर मुश्किलों का पहाड़ टूटता दिख रहा है। क्यूंकि इसी महीने दिल्ली सरकार ने इस बैंक की एमडी की नियुक्ति को अवैध करार दे दिया था।

दिल्ली राज्य सहकारी बैंक को साल 1956 में रिजर्व बैंक के सेक्शन 2 के तहत दिल्ली का एपेक्स कोआपरेटिव बैंक घोषित किया गया था। जिसे साल 2001-02 के बाद से लगातार चेयरमैन बिजेंद्र सिंह ने अपने निजी और राजनैतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया। आपको बताते चलें की बैंक चेयरमैन और फर्जी करार एमडी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन जनहित याचिका (WP(c)6767/2021 Amit Lal Vs Delhi State Cooperative Bank & ORS.) में दायर विजिलेन्स और आरसीएस की संयुक्त जाँच रिपोर्ट में कई घोटालों का खुलासा हुआ है।

रोहिणी कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अब बैंक में एडमिनिस्ट्रेटर की नियुक्ति होनी तय है। क्यूंकि सरकार पहले ही यह मान चुकी है की इसी चेयरमैन के नेतृत्व में साल 2009-10 में तक़रीबन 110 लोगों की नियुक्ति भी गलत तरीके से की गयी थी। क्यूंकि ये बैंक प्रबंधन के पदाधिकारियों के और पूर्व कर्मचारियों के जानकर और रिश्तेदार हैं।

रोहिणी कोर्ट के हालिया आदेश के बारे में याचिकाकर्ताओं के वकील क्षितिज महिपाल (वकील क्षितिज महिपाल का सम्पर्क : 9999994372) ने जानकारी देते हुए बताया की यह मामला नरेला शाखा के गबन से जुडा है जिसमें चेयरमैन के रिश्तेदार मैनेजर ने लाखों की गबन को अंजाम दिया। 2 करोड़ के इस गबन मामले में बैंक शुरू से लीपापोती कर रहा था। पुलिस के जांच अधिकारी को भी चेयरमैन और एमडी जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे जिसके कारण गैर जमानती वारंट जारी हुआ।

वकील क्षितिज महिपाल ने बताया की अब पुलिस को इन्हें गिरफ्तार करके अगली सुनवाई में कोर्ट के सामने हाजिर करना होगा। इस आदेश के दूरगामी परिणाम होंगे क्यूंकि इस आदेश के बाद अब बैंक के चुनाव पर भी असर देखने को मिलेगा। क्यूंकि रोहिणी कोर्ट में विचाराधीन गबन मामले में बैंक चेयरमैन और एमडी का जेल जाना तय है।

गौरतलब है की बैंक चेयरमैन बिजेंद्र सिंह नैफेड समेत कई सहकारी संगठनों के भी कर्ता धर्ता हैं। साथ ही दिल्ली की नांगलोई विधानसभा क्षेत्र से दो दो बार कांग्रेस के विधायक रहे हैं और इनका बेटा मनदीप शौक़ीन वर्तमान में कांग्रेस की टिकट पर निगम पार्षद भी है।

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