NIA ने छह गैंगस्टर-आतंकवादियों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया, टेरर फंडिंग मामले में 7 स्थानों पर छापेमारी

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राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने छह गैंगस्टर-आतंकवादियों को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया है. दूसरी ओर टेरर फंडिंग मामले में जम्मू-कश्मीर के 4 जिलों के 7 स्थानों पर व्यापक सर्व ऑपरेशन चलाया.

भगोड़ा अपराधी घोषित किए गए ये हैं शामिल

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कनाडा और पाकिस्तान में रहने वाले छह गैंगस्टर-आतंकवादियों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया है. अधिकारी ने कहा कि आरोपियों के नाम कनाडा में रहने वाले अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला, रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज, लखबीर सिंह संधू उर्फ लांडा और पाकिस्तान में रह रहे हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा, लखबीर सिंह रोडे और वाधवा सिंह बब्बर हैं.

एनआईए ने 22 जुलाई को दर्ज किया था आरोप पत्र

एजेंसी ने पिछले साल 20 अगस्त को दर्ज एक मामले में डाला, लांडा और रिंदा समेत नौ आरोपियों के खिलाफ 22 जुलाई को आरोप पत्र दायर किया था. यह मामला खालिस्तान लिबरेशन फोर्स, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन जैसे प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक आतंकवादी संगठनों की आतंकी गतिविधियों से संबंधित है.

टेरर फंडिंग मामले में जम्मू-कश्मीर में 7 स्थानों पर छापेमारी

एनजीओ टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर के 4 जिलों के सात स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. एनआईए ने बताया, आतंकवादी गतिविधियों को प्रायोजित करने के लिए धन जुटाने से संबंधित मामले में गैर सरकारी संगठन जम्मू कश्मीर कोएलिशन ऑफ सिविल सोसाइटीज (जेकेसीसीएस) से जुड़े ट्रस्टों और व्यक्तियों के परिसरों पर, श्रीनगर, बडगाम, कुपवाड़ा और पुलवामा जिलों में सात स्थानों पर व्यापक छापेमारी की गई. एनजीओ कार्यक्रम समन्वयक खुर्रम परवेज और उनके सहयोगी इरफान मेहराज से जुड़े स्थानों पर भी छापे मारे गए.

सर्च ऑपरेशन में कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त

एनआईए ने बताया, घरेलू और विदेश में धन इकट्ठा करने और आतंकवादियों को बनाए रखने के लिए अलगाववादी और आतंकवादी संगठनों को हस्तांतरित करने में शामिल कुछ गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्टों, समाजों और संगठनों की गतिविधियों से संबंधित मामले में आज की तलाशी में वित्तीय लेनदेन से संबंधित कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए.

परवेज और मेहराज को एनआईए ने मार्च में किया था गिरफ्तार

एनआईए ने बताया, परवेज और मेहराज दोनों को इस साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था, जब जांच में जेकेसीसीएस के लिए विदेशों में स्थित विभिन्न चैरिटी से धन जुटाने और इन फंडों का उपयोग जम्मू-कश्मीर में परेशानी और आतंक को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका का पता चला था. बाद की जांच से पता चला कि जेकेसीसीएस एनजीओ और गिरफ्तार किए गए दो आरोपी घाटी में संगठित तरीके से पथराव को भड़काने और वित्त पोषण करने में सक्रिय रूप से शामिल थे. वे जम्मू-कश्मीर में सक्रिय विभिन्न प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के साथ काम कर रहे थे.

जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक आतंकवादी के भूखंडों को कुर्क किया

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में मंगलवार को पुलिस ने पाकिस्तान अपनी गतिविधि का संचालन करने वाले एक आतंकवादी के कई भूखंड कुर्क किये. अधिकारियों ने बताया कि कुपवाड़ा जिले के कचामा गांव के रहने वाले और आतंकी संगठन अल बर्क के सदस्य अब्दुल राशिद कुरैशी उर्फ फारूक कुरैशी के खिलाफ एक मामले में जम्मू कश्मीर पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआईयू) ने ये कुर्कियां की है. उन्होंने बताया कि इस कदम का मकसद कुरैशी के अवैध नेटवर्क को बाधित करना और आतंकी हरकत करने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है. अधिकारी ने बताया कि 90 के दशक के शुरूआत में वह पाकिस्तान चला गया था और तब से वह प्रदेश की शांति एवं सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बना हुआ है.

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