दुनिया पर फिर मंडराया कोरोना का खतरा, तेजी से फैलता है यह नया वैरिएंट! पढ़ें डिटेल

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Corona New Variant : कोरोना का खतरा अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. भारत समेत कई देशों में अचानक से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है. इस बीच शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक बयान ने सनसनी मचा दी है. WHO ने कहा है कि बड़ी संख्या में कोविड-19 के एक नए वैरिएंट को पाया गया है. हालांकि उन्होंने बताया है कि व्याज इसकी निगरानी कर रहे हैं. इस नए वैरिएंट का नाम BA.2.86 है.

संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि इस वैरिएंट को कुछ देशों में पाया गया है जिसकी निगरानी की जा रही है और जांच के लिए अधिक-से-अधिक डाटा कलेक्ट करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, WHO ने इस नए वैरिएंट के बारे में कहा है कि इसका म्यूटेशन बहुत तेजी से हो रहा है और अगर यह बढ़ता है तो ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा, “जैसे-जैसे हम और अधिक जानेंगे, WHO देशों और जनता को अपडेट करेगा.”

WHO ने कोविड-19 की बेहतर निगरानी, अनुक्रमण और रिपोर्टिंग का आह्वान किया है. बता दें कि यह वायरस लगातार फैल रहा है और विकसित हो रहा है. BA.2.86 स्ट्रेन पहली बार 24 जुलाई को रिपोर्ट किया गया था और 17 अगस्त को इसे ‘निगरानी के तहत संस्करण’ के रूप में वर्गीकृत किया गया था. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश में यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने भी पुष्टि की है कि वह वैरिएंट की बारीकी से निगरानी कर रहा है. सीडीसी के अनुसार, अब तक यह वैरिएंट केवल इज़राइल, डेनमार्क और संयुक्त राज्य अमेरिका में पाया गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि कोविड-19 अब दुनिया के लिए स्वास्थ्य आपात नहीं रह गया है लेकिन अब भी यह ‘वैश्विक स्वास्थ्य खतरा’ बना हुआ है तथा कोरोना वायरस का नया स्वरूप पहले से ही जांच के दायरे में है. डब्ल्यूएचओ के प्रमुख गुजरात की राजधानी गांधीनगर में महात्मा मंदिर सम्मेलन केंद्र में आयोजित जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 वर्तमान में वैश्विक स्वास्थ्य आपात नहीं रह गया है, लेकिन अब भी यह वैश्वि स्वास्थ्य खतरा बना हुआ है. डब्ल्यूएचओ ने हाल में कोरोना वायरस के नए स्वरूप की पहचान की है जिसका स्वरूप कई बार परिवर्तित हो चुका है. बीए.2.86 स्वरूप की वर्तमान में निगरानी और जांच की जा रही है जो एक बार फिर दर्शाता है कि सभी देशों को चौकसी बरतने की जरूरत है.’’

इस अवसर पर उन्होंने सभी देशों से अनुरोध किया कि वे ‘महामारी समझौते’ को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि इसे अगले साल होने वाली विश्व स्वास्थ्य सभा में इसे स्वीकृत किया जा सके. घेब्रेयेसस ने जी-20 सदस्य देशों को अपने संबोधन में कहा, ‘कोविड-19 ने हम सभी को यह अहम पाठ सिखाया है कि अगर स्वास्थ्य खतरे में है तो सबकुछ खतरे में है. दुनिया इस महामारी के कष्टपूर्ण पाठ को सीख रही है.’

उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत सऊदी अरब की अध्यक्षता के साथ हुई. उन्होंने कहा कि चर्चा के परिणामस्वरूप अंतरिम अध्यक्ष के तहत एक संयुक्त ‘वित्त स्वास्थ्य कार्य बल’ की स्थापना हुई, जिसका समर्थन इंडोनेशिया और अब भारत ने अपनी अपनी संबंधित अध्यक्षता के कार्यकाल के दौरान की. डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि महामारी समझौता और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों में संशोधन पर चर्चा में अच्छी प्रगति हो रही है. उन्होंने कहा कि दोनों ही समावेशी, सुसंगत और न्यायसंगत वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचे के लिए कानूनी और संगठनात्मक खाका के निर्माण को लेकर आवश्यक है.

भारत में शुक्रवार को कोविड-19 के 50 नए मामले सामने आए जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या मामूली रूप से बढ़कर 1,441 हो गई. एक दिन पहले उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,436 थी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, नए मामलों के साथ संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4.49 करोड़ हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से उबर चुके लोगों की संख्या बढ़कर 4,44,63,111 हो गई है. स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत है.

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