‘मुझे जेल भेजा जा सकता है या…’, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बोले कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू

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कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू जेल से रिहा होते ही राजनीति में सक्रिय हो गये हैं. गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी से सिद्धू ने मुलाकात की जिसकी तस्वीर सामने आयी है. मुलाकात की तस्वीर सिद्धू ने खुद सोशल मीडिया पर शेयर की. उन्होंने कहा कि कि उन्हें जेल भेजा जा सकता है या धमकाया जा सकता है, लेकिन वह पंजाब और अपने नेताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेंगे.

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सिद्धू ने राहुल और प्रियंका से मुलाकात की तस्वीर टि्वटर पर शेयर की. आपको बता दें कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू 1988 के एक ‘रोडरेज’ मामले में करीब 10 महीने की कैद की सजा काटने के बाद पिछले शनिवार को पटियाला केंद्रीय कारागार से बाहर आये थे.

सिद्धू का ट्वीट

सिद्धू ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि आज नई दिल्ली में अपने मेंटर और दोस्त राहुल गांधी जी, दार्शनिक-मार्गदर्शक प्रियंका जी से मुलाकात की. आप मुझे जेल में डाल सकते हैं, मुझे डरा सकते हैं, मेरे सभी वित्तीय खातों को ब्लॉक कर सकते हैं, लेकिन पंजाब और मेरे नेताओं के प्रति मेरी प्रतिबद्धता न तो झुकेगी और न ही एक इंच पीछे हटेगी.

सिद्धू ने पंजाब की मान सरकार पर साधा निशाना

इससे पहले कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सुरक्षा में कटौती की गयी है. सिद्धू सोमवार को दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता से मिलने के लिए पंजाब के मानसा जिले में स्थित उनके आवास पर गये थे. यहां सिद्धू ने दिवंगत मूसेवाला की सुरक्षा में कटौती करने और इसे सार्वजनिक करने को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार की आलोचना की.

कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू हुए थे पटियाला जेल से रिहा

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक अप्रैल को पटियाला केंद्रीय कारागार से बाहर आये थे. जेल से निकलते ही उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि लोकतंत्र बेड़ियों में जकड़ा हुआ है और संस्थान गुलाम हो गये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए षड़यंत्र रचा जा रहा है. सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को “अखबारी मुख्यमंत्री” कहा और कानून-व्यवस्था तथा ऋण के मुद्दे पर उनकी सरकार की आलोचना की.

किस मामले में गये थे जेल

यहां चर्चा कर दें कि साल 1988 के रोड रेज मौत के मामले में करीब 10 महीने जेल में बिताने वाले सिद्धू एक अप्रैल को रिहा हो गये. पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सिद्धू को 65 वर्षीय गुरनाम सिंह की मौत के मामले में मई 2022 में उच्चतम न्यायालय द्वारा एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया था. सिद्धू के वकील ने कहा था कि जेल में उनके अच्छे आचरण के कारण उन्हें समय से पहले रिहा किया जा रहा है.

भाषा इनपुट के साथ

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