चीन को मोदी की दो टूक, भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा के लिए मंगलवार की रात न्यूयॉर्क पहुंचे. इस दौरान वह संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे और वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. अपने दौरे की शुरुआत से पहले ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को दिये एक साक्षात्कार में मोदी ने चीन को खुली चेतावनी दी. पीएम ने कहा कि भारत संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान में विश्वास रखता है. भारत किसी भी मतभेद और विवाद के कानूनी और शांतिपूर्ण हल का पक्षधर है, लेकिन अपनी संप्रभुता और मान-सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार और समर्पित भी है. मोदी ने कहा कि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों के लिए एलएसी पर शांति बहाली जरूरी है. संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और मतभेदों और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में हमारा मूल विश्वास है.

भारत-अमेरिका संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत और गहरे

भारत-अमेरिका संबंधों की चर्चा करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि नयी दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत और गहरे हैं. दोनों देशों के नेताओं के बीच अभूतपूर्व विश्वास है. अमेरिका की यह यात्रा भारत-अमेरिका साझेदारी की गहराई एवं विविधता को समृद्ध करने का एक अवसर होगी.

चीन और रूस को साफ संदेश, भारत की प्राथमिकता शांति : पीएम

मोदी ने अमेरिकी अखबार से कहा, सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और देशों की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए. विवादों का हल कूटनीति और बातचीत से होना चाहिए, पीएम ने कहा, कुछ लोग कहते हैं कि हम तटस्थ हैं, लेकिन हम तटस्थ नहीं हैं. हम शांति के पक्षधर हैं. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को यकीन है कि भारत की प्राथमिकता शांति है.

भारत का समय आ चुका है

वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की भूमिका बढ़ रही है. विश्व में भारत का योगदान काफी बढ़ा है. अब भारत का वक्त आ गया है. हम भारत को किसी देश का स्थान लेने के रूप में नहीं देखते हैं. हम मानते हैं कि भारत दुनिया में अपनी असली जगह हासिल कर रहा है.

यूएन में बदलाव की वकालत

सुरक्षा परिषद में बदलाव की वकालत करते हुए मोदी ने कहा, वर्तमान समस्या का मूल्यांकन होना चाहिए और दुनिया से यह पूछा जाना चाहिए कि क्या वह भारत को वहां देखना चाहती है. मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत कहीं उच्च, गहरी और व्यापक स्तर की भूमिका का हकदार है. हम भारत को दुनिया में उसकी सही जगह देख रहे हैं.

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