डीएचएफएल भ्रष्टाचार मामले में मुंबई के कारोबारी संजय छाबडि़या गिरफ्तार

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नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और दीवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में गुरुवार को मुंबई के कारोबारी संजय छाबडि़या को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि रेडियस डेवलपर्स के छाबडि़या को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। जांच में सीबीआई ने पाया कि कुछ साल पहले डीएचएफएल को राणा कपूर के नेतृत्व वाले यस बैंक से निवेश के रूप में प्राप्त रकम का एक बड़ा हिस्सा रेडियस समूह को डायवर्ट किया गया था।

सीबीआइ ने 2020 में राणा कपूर, डीएचएफएल के कपिल वधावन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कपूर ने डीएचएफएल को वित्तीय सहायता देने के लिए वधावन के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, घोटाला अप्रैल और जून 2018 के बीच शुरू हुआ। उस समय यस बैंक ने डीएचएफएल के अल्पकालिक डिबेंचर में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया। बदले में, वधावन ने कथित तौर पर डीओआइटी अर्बन वेंचर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को ऋण देकर कपूर और उनके परिवार को 600 करोड़ रुपये की घूस दी।

कपूर की बेटियां रोशनी, राधा और राखी मोर्गन क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से इस कंपनी की 100 प्रतिशत शेयरधारक हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि डीएचएफएल ने बहुत कम मूल्य वाली घटिया संपत्तियों को गिरवी रखकर डीओआईटी अर्बन वेंचर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को 600 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया। डीएचएफएल ने आज तक अपने डिबेंचर में यस बैंक द्वारा निवेश किए गए 3,700 करोड़ रुपये की राशि को नहीं भुनाया।

यस बैंक ने आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को 750 करोड़ रुपये का ऋण भी मंजूर किया, जिसके निदेशक धीरज वधावन हैं। यह बांद्रा पुनर्ग्रहण परियोजना के लिए बनाई गई डीएचएफएल समूह की ही कंपनी है। यह रकम परियोजना में निवेश करने करने के लिए दी गई थी, लेकिन परियोजना में निवेश के बजाय इस रकम को डीएचएफएल को हस्तांतरित कर दिया गया।