मध्य प्रदेश में कांग्रेस को जीत दिलाने की जिम्मेदारी इन नेताओं के कंधे पर, देखें चुनाव अभियान समिति की सूची

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MP Election 2023 : मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में चंद महीने केवल रह गये हैं. इससे पहले कांग्रेस ने कमर कस ली है. कांग्रेस ने प्रदेश में इस साल के आखिर में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंगलवार को अपनी प्रदेश इकाई के लिए चुनाव अभियान समिति का गठन किया है. इसकी अध्यक्षता पार्टी के वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया को सौंपी गयी है.

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गयी है जिसके अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए चुनाव अभियान समिति के गठन को स्वीकृति प्रदान की. विज्ञप्ति के अनुसार, समिति में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के अलावा 30 से अधिक वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है. इसमें राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी और विवेक तन्खा सहित कई अन्य नेताओं के नाम भी नजर आ रहे हैं.

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई थी जीत

आपको बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस ने पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया था. मध्य प्रदेश में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं. राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सत्तारूढ़ है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है. पिछले चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस ने सत्ता से बेदखल किया था हालांकि मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से बगावत कर दी थी और भाजपा का दामन थाम लिया था. इसके बाद प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गयी थी और शिवराज सिंह चौहान फिर से सीएम बने थे.

ज्योतिरादित्य सिंधिया बिगाड़ेंगे कांग्रेस का खेल

ज्योतिरादित्य सिंधिया पर इस चुनाव में खास नजर रहेगी. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले चुनाव में वे जब जनता के बीच गये थे तो उन्होंने लोगों से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी. इसके उलट इस बार सिंधिया जब जनता के बीच जाएंगे तो वे भाजपा को चुनाव में जीत दिलाने की अपील करते दिखेंगे. आपको बता दें कि पिछले दिनों कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जब ग्वालियर में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था तो उन्होंने इशारों-इशारों में सिंधिया पर करारा प्रहार किया था. प्रियंका गांधी के बयान के बाद सिंधिया ने कांग्रेस पर पलटवार किया था.

पुरानी पेंशन स्कीम से कांग्रेस साधेगी चुनाव

मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम की चर्चा जोरों पर हो रही है. इस योजना को लागू करने की मांग कर्मचारी काफी दिनों से कर रहे हैं. चूंकि कांग्रेस शासित पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पुरानी पेंशन स्कीम लागू हो चुकी है. लिहाजा चुनावी साल होने से मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार भी इस योजना को लागू करने का दबाव है. यहां चर्चा कर दें कि मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमला करते हुए पिछले दिनों कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी दावा किया कि प्रदेश में परिवर्तन की व्यापक लहर है और कांग्रेस की सरकार बनने पर लोगों को पांच गारंटी मिलेंगी. प्रियंका ने कांग्रेस के सत्ता में आने पर मध्यप्रदेश के लोगों के लिए पार्टी की पांच गारंटी दोहराईं, इसमें सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली भी शामिल है.

आप बढ़ाएगी चुनाव में टेंशन

यहां चर्चा कर दें कि पिछले दिनों विपक्ष की बैठक में शामिल हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) मध्य प्रदेश में सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इस बाबत प्रदेश में ‘आप’ के प्रभारी बीएस जून ने पिछले दिनों जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी इस साल के अंत में प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जल्द ही प्रत्याशियों के नामों की सूची हमारी ओर से जारी कर दी जाएगी.

भाजपा ने भी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. बड़े नेताओं की रैली भी प्रदेश में देखने को मिल रही है. अमित शाह (Amit Shah) ने 18 दिन में तीसरी बार मध्य प्रदेश का दौरा किया और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा. उन्होंने भाजपा को प्रदेश में जीत दिलाने के लिए नेताओं को टास्क दिया है.

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