मनोज मुंतशिर ने आदिपुरुष फिल्म के डायलॉग्स को लेकर तोड़ी चुप्पी, कहा- देश के संत, कथा वाचक भी ऐसी ही…

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रिपब्लिक वर्ल्ड के साथ एक इंटरव्यू में, मनोज ने कहा, “यह कोई एरर नहीं है. बजरंग बली और सभी किरदारों के लिए डाय़लॉग लिखने में बहुत ही सावधानीपूर्वक विचार प्रक्रिया है. हमने इसे सरल इसलिए किया है, क्योंकि हमें एक बात समझनी होगी कि अगर किसी फिल्म में कई किरदार हैं, तो सभी एक ही भाषा नहीं बोल सकते. एक तरह का डायवर्जन, एक तरह का डिविजन होना चाहिए.” उन्होंने यह भी कहा, “हमारे यहां जब दादियां, नानियां रामायण की कथा सुनती थी, वो इसी भाषा में सुनती थी. ये डायलॉग जिनका आपने जिक्र किया, ये इस देश के संत, बड़े बड़े कथा वाचक ऐसी ही बोलते हैं, जैसे मैंने लिखा है. जैसा मैंने लिखा है. मैं यह डायलॉग लिखने वाला पहला व्यक्ति नहीं हूं, यह पहले से ही है.”

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