एक महीने से चल रही मौत से जंग हार गए सरपंच के पति मनोज डागर, अस्पताल में तोड़ा दम

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गुरुग्राम। गोली लगने से घायल हुए गांव अलीपुर की सरपंच ममता के पति मनोज डागर की मौत हो गई। मनोज को पंद्रह जुलाई की शाम करीब चार बजे सोहना सिटी थाने के सामने दो युवकों ने गोली मारी थी। गले के पिछले हिस्से में गोली लगने से वह घायल हुए थे। तभी से उनक इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा था। मनोज पर कातिलाना हमला उसके ही गांव के निशु राठी ने कराया था। पुलिस ने आरोपित को दस दिन पहले गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस से पूछताछ में ही उसने जुर्म कबूला था। निशु गैंगस्टर अशोक राठी का भाई है। अशोक की कुछ माह पहले हत्या कर दी गई थी। राठी व डागर के बीच अशोक की पत्नी सुषमा के पैतृक (पिता का घर) घर को लेकर हुई थी। अशोक ने अपनी पत्नी सुषमा की हत्या करने के बाद उसके घर पर कब्जा करने की कोशिश की थी मगर मनोज ने कब्जा नहीं होने दिया था। गैंगवार के चलते अशोक की हत्या कर दी गई थी मगर उसके भाई निशु ने मनोज से बदला लेने की कसम खा रखी थी। जिसके तहत ही उसने साजिश रच मनोज की हत्या कराने का प्रयास किया था।

पंद्रह जुलाई की शाम करीब चार बजे मनोज अपनी बेटी को लेकर सोहना सिटी थाने के अस्पताल के सामने स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए गए हुए थे। जैसे ही वह अपनी कार से उतर अस्पताल की ओर जाने लगे दो युवकों में एक ने गोली चलाई थी। गोली मनोज की गर्दन के पिछले हिस्से में लगी थी। हमलावर दूसरी गोली चलाता इससे पहले मनोज भागकर अस्पताल की गैलरी में पहुंच गए थे। जिसके बाद हमलावर भाग गए थे। वहीं गोली लगने के बाद बेहोश हुए मनोज को मेदांता अस्पताल में दाखिल कराया गया था। कई दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा था।

जेल में बंद बदमाश ने भेजे थे शूटर

गैंगस्टर अशोक राठी की हत्या होने के बाद उसका छोटा भाई निशु राठी अशोक के गुर्गों के संपर्क में आकर उनसे अपने इशारे पर काम कराने लगा था। उसका एक ही मकसद था अपने बड़े भाई के दुश्मनों को मारने का। उसने एक लिस्ट भी बना रखी है। जिसमें मनोज का नाम सबसे ऊपर था। निशु ने मनोज की हत्या का प्लान बना भोंडसी जेल में बंद ममेरे भाई पुष्कर से संपर्क किया और पुष्कर ने ही दो शूटर तैयार किए जिन्होंने मनोज पर गोली चलाई थी।