मणिपुर वीडियो मामले पर देशभर में उबाल, सोशल मीडिया पर उठी आरोपियों को फांसी देने की मांग

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मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराने का वीडियो सामने आने के बाद देशभर में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. सड़क से लेकर संसद तक इस घटना की निंदा की जा रही है और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग हो रही है. सोशल मीडिया में भी लगातार लोग महिलाओं के साथ हुई बर्बरता को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा #मणिपुर_हैवानों_को_फांसी_दो

सोशल मीडिया ट्विटर पर मणिपुर को लेकर लगातार यूजर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. ट्विटर पर लगातार #मणिपुर_हैवानों_को_फांसी_दो ट्रेंड कर रहा है. इस हैसटैग के साथ लोग आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं. इस मामले को लेकर मणिपुर और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से भी सवाल पूछा जा रहा है.

क्या है मामला

4 मई को करीब एक हजार लोगों की हथियारबंद भीड़ ने कांगपोकपी जिले के एक गांव पर हमला किया और मकानों में लूटपाट की थी. भीड़ ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया था. यही नहीं कुछ लोगों की हत्या की और दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया. महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने का वीडियो दो महीने के बाद सामने आया. जिसके बाद पूरा देश आक्रोशित हो गया.

अबतक 6 की गिरफ्तारी

मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में अबतक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरफ्तार लोगों में मुख्य आरोपी की पहचान हेरादास के रूप में हुई है. जबकि अन्य गिरफ्तार आरोपियों में अरुण सिंह, जीवन एलंगबाम, तोंवा सिंह और यूमलेमबाम मेतेई शामिल हैं. पुलिस ने पहले जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उसे 11 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

मणिपुर हिंसा को लेकर दिल्ली, झारखंड और गोवा में विरोध प्रदर्शन

मणिपुर में हिंसा रोकने और शांति बहाल करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने शुक्रवार को दिल्ली, झारखंड और गोवा में प्रदर्शन किया. दिल्ली में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और क्रांतिकारी युवा संगठन के नेतृत्व में कार्यकर्ता तख्तियां और बैनर लेकर जंतर-मंतर पर एकत्र हुए. इन तख्तियों और बैनरों पर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह इस्तीफा दो और मणिपुर में हिंसा समाप्त करो जैसे संदेश लिखे थे. क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने एक बयान में कहा, केवाईएस इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से तुरंत इस्तीफा देने की मांग करता है. वहीं इस मामले पर झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को आदिवासी संगठनों ने विरोध मार्च निकाला. लगभग 10 अलग-अलग आदिवासी संगठनों ने जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकाला, जहां प्रतिभागियों ने कथित तौर पर हिंसा को रोकने में विफल रहने के लिए केंद्र और मणिपुर सरकार के खिलाफ नारे लगाए. इस बीच, मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार के विरोध में शुक्रवार को गोवा में एक महिला ने अपना सिर मुंडवा लिया.

सोमवार को मणिपुर मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगा विपक्ष

इधर मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर बहस कराने को लेकर संसद में गतिरोध के बीच विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने दोनों सदनों में इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान के लिए दबाव बनाने के वास्ते सोमवार को संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई है. सूत्रों के अनुसार विभिन्न विपक्षी दलों के नेता, जिन्होंने अब ‘इंडिया’ गठबंधन बनाया है, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में मिलेंगे और संसद में अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे. सोमवार (24 जुलाई) को सुबह 10 बजे बैठक के बाद नेता दोनों सदनों में प्रवेश करने से पहले गांधी प्रतिमा के पास विरोध-प्रदर्शन करेंगे.

मणिपुर मामले को लेकर विपक्ष प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहा

सरकार केंद्रीय गृह मंत्री के जवाब के साथ मणिपुर मुद्दे पर अल्पकालिक चर्चा कराने पर सहमत हो गई है, लेकिन विपक्ष पहले प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहा है और खासकर मणिपुर के एक गांव में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने और उनके साथ मारपीट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद विपक्ष इस मांग पर अड़ गया है.

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