LIC Policy: आपके बीमा पॉलिसी पर मिल सकता है पर्सनल लोन से सस्ता और आसान ऋण, जानें कैसे और कहां करें आवेदन

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Loan Against LIC Policy: भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation) देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है. करोड़ों भारतीयों ने इस बीमा कंपनी में निवेश किया है. इस बीमा कंपनी के साथ में सरकार का भरोसा जुड़ा हुआ है. एसआईसी की बीमा पॉलिसी निवेशकों को लंबे अवधि में बेहतर रिटर्न के साथ आर्थिक रुप से सशक्त बनाती है. मगर क्या आप जानते हैं कि एलआईसी की बीमा पॉलिसी पर लोन की सुविधा भी मिलती है. यानी आप इमरजेंसी के समय बैंक से पर्सनल लोन लेने के बजाए एलआईसी से अपने पॉलिसी के एवज में लोन ले सकते हैं. बीमा पॉलिसी के बदले लोन लेना सुरक्षित माना जाता है. इसमें आपके बीमा पॉलिसी को सिक्योरिटी के रुप में रखा जाता है. इसका अर्थ है कि अगर कोई व्यक्ति लोन चुकाने में असमर्थ होता है तो बीमा की राशि से उसके लोन के रकम की भरपाई की जाती है.

पॉलिसी पर कितना मिल सकता है लोन

बहुत से लोगों को ये जानकारी ही नहीं है कि एलआईसी की पॉलिसी पर लोन भी लेना संभव है. साथ ही, कितना लोन मिल सकता है. इसके बारे में जानकारी आप LIC की ई-सर्विसेज के जरिए ले सकते हैं. एलआईसी पॉलिसी के कुल सरेंडर वैल्यू का करीब 90 प्रतिशत तक की रकम लोन के रुप में देती है. जबकि, कुछ प्री-पेड स्कीम पर ये रकम 85 प्रतिशत तक है. पॉलिसी के बदले लोन के लिए आपकी बीमा कम से कम तीन साल पुरानी होनी चाहिए. इसके लिए आप आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले एलआईसी के उस ब्रांच ऑफिस जाना होगा, जहां इसके बाद, आपको लोन के लिए आवेदन करना होगा. इसमें मांगे गए दस्तावेज और पॉलिसी का बॉन्ड पेपर जमा करना होगा. विरिफिकेशन के बाद, आपको लोन तीन से पांच दिनों में अप्रूव हो जाएगा.

ऑनलाइन कैसे अप्लाई करें लोन

एलआईसी से लोन के लिए आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकेत हैं. इसके लिए सबसे पहले एलआईसी ई-सर्विसेज में अपने आप को रजिस्टर करें. इसमें लोन का सेक्शन हैं. इसें जाकर मांगी गयी पूरी जानकारी दें. डॉक्यूमेंट्स के साथ ही केवाईसी की प्रक्रिया को भी पूरा करें. ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक फॉर्म डिटेल जनरेट होगा. इसको प्रिंट करके और सभी डॉक्यूमेंट्स के साथ एलआईसी के ब्रांच ऑफिस में भेजना होगा. इसके बाद, तीन से पांच दिनों में लोन अप्रुवल का मैसेज और मेल मिल जाता है.

क्यों बीमा पॉलिसी पर लोन पर्सनल लोन से बेहतर है

बीमा पॉलिसी पर लोन और पर्सनल लोन दोनों ही अलग-अलग चीजें हैं और इनमें से कोई भी बेहतर होना व्यक्तिगत आवश्यकताओं और लक्ष्यों पर निर्भर करता है. यहां कुछ कारण हैं जिनसे बीमा पॉलिसी पर लोन पर्सनल लोन से बेहतर हो सकता है:

ब्याज दरें: बीमा पॉलिसी पर लोन की ब्याज दरें आमतौर पर पर्सनल लोन की ब्याज दरों से कम होती हैं. बीमा पॉलिसी पर लोन के लिए ब्याज दरें पॉलिसी के प्रकार और अन्य उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं पर निर्भर कर सकती हैं, लेकिन इसमें प्रमुखतः पॉलिसी की ब्याज दर शामिल होती है.

सुरक्षा: बीमा पॉलिसी पर लोन लेते समय, जीवन बीमा या किसी अन्य बीमा पॉलिसी को सुरक्षितीकृत करके लोन मिल सकता है. इससे आपका बीमा योजना सुरक्षित रहता है और इसे नष्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है.

आवंटित समय: बीमा पॉलिसी पर लोन की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें निवेशकों को एक निश्चित समय के लिए धन निवेश करना होता है, जिससे उन्हें ब्याज का लाभ होता है.

कर बचत का लाभ: बीमा पॉलिसी पर लोन लेते समय, निवेशकों को इनकम टैक्स में छूट का लाभ होता है, क्योंकि उन्हें पॉलिसी के लाभ को नष्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है.

विवादों से बचाव: पॉलिसी पर लोन के लिए आपको बीमा कंपनी की शर्तों और नियमों का पालन करना होता है, जिससे विवादों से बचा जा सकता है.

परंतु, पर्सनल लोन का एक मुख्य लाभ यह है कि आप इसे किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग कर सकते हैं, जबकि बीमा पॉलिसी पर लोन का उपयोग विशिष्ट शर्तों के तहत होता है.

इसलिए, आपको अपनी वित्तीय आवश्यकताओं और लक्ष्यों के आधार पर इन दोनों विकल्पों की तुलना करके और समझकर ही निर्णय लेना चाहिए.

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